
Asaram : नाबालिग से रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम इन दिनों पैरोल पर बाहर हैं। वे उज्जैन के आश्रम में रह रहे हैं जहां उनकी तबीयत खराब हो गई। आसाराम को सीने में दर्द की शिकायत है। इसके कारण वे पंचकर्म कराने धन्वंतरि आयुर्वेदिक अस्पताल नहीं जा पाए। आसाराम अब 85 साल के हो गए हैं। बढ़ती आयु के साथ ही उनका शरीर भी कमजोर होते जा रहा है। 2 साल पहले आसाराम की दिल की नसें 95 प्रतिशत तक ब्लॉक हो चुकी थीं जिसके बाद उन्होंने एंजियोग्राफी कराई। उन्हें कई अन्य गंभीर रोग भी हैं। आसाराम खून की कमी, सिरदर्द व कमर दर्द से भी परेशान हैं। इनसे निजात पाने के लिए इलाज भी करा रहे हैं।
आसाराम बापू 21 अक्टूबर से उज्जैन में हैं। वे बुधवार व गुरुवार को पंचकर्म कराने धन्वंतरि आयुर्वेदिक अस्पताल गए थे। अस्पताल के डॉ. निपेंद्र मिश्रा के मुताबिक, आसाराम लंबे समय से सिर व कमर दर्द से परेशान हैं। इसलिए उन्हें 15 दिन तक पंचकर्म कराने की सलाह दी गई है।
शुक्रवार को आसाराम धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पंचकर्म कराने नहीं पहुंचे। उन्हें सीने में दर्द होने लगा जिसके कारण वे दिनभर अंकपात रोड स्थित आश्रम में ही रहे।
सन 2024 के शुरुआती दिनों में आसाराम को जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया था। तब उन्होंने एंजियोग्राफी करा ली थी।
मेडिकल रिपोर्ट में उनके हार्ट की 2 नसों में ब्लॉकेज पाया गया था। नसें 95 प्रतिशत तक ब्लॉक थीं।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। उनकी पैरोल 26 अक्टूबर तक है, इसके बाद जेल में ही रहना होगा। आसाराम के 25 अक्टूबर तक उज्जैन में ही रहने की बात कही जा रही है। संभवत: वे यहीं से जोधपुर के लिए रवाना होंगे।
उज्जैन के डॉक्टरों ने बताया कि आसाराम के दिल की बीमारी पुरानी है। उज्जैन आने से पहले भी उन्होंने एक अस्पताल में भर्ती रहकर अपना उपचार कराया था। AIIMS जोधपुर में भी आसाराम की बीमारी का पूरा जांच रिकार्ड है। उनका सीने के दर्द का अलग से उपचार चल रहा है।