सोशल मीडिया पर पर पत्रिका सर्वे:: कड़े कानून की जरूरत, स्कूल-कॉलेज पाठ्यक्रम में हो साइबर सुरक्षा
सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। इस पर विश्वभर में चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया जहां जानकारी संग्रहण का माध्यम है, वहीं खौफनाक पहलू यह है कि यह माध्यम जमा पूंजी, मान-सम्मान और जान का दुश्मन बन रहा है। पत्रिका ने सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव को लेकर ऑनलाइन सर्वे किया। लोगों ने सुझाव में उम्र के आधार पर कंटेंट अपलोड व ऐप्लीकेशन डाउनलोड के प्रावधान के साथ ही कड़े कानूनी प्रावधान लाने का सुझाव दिया। सर्वे में शामिल 87.5 प्रतिशत लोगों का कहना था कि सोशल मीडिया का फायदा कम और नुकसान ज्यादा है। 98.2 प्रतिशत लोगों ने स्कूल-कॉलेजों के पाठ्यक्रम में साइबर सुरक्षा-साइबर साक्षरता लागू करने की राय दी।
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स्क्रीन टाइम कम करने पर 96.4 प्रतिशत का जोर
ऑनलाइन सक्रियता से लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ने से कम उम्र के बच्चों की आंखें खराब होने, ज्यादा नंबर का चश्मा लगने के केस बढ़े हैं। अलग-अलग रिचर्स में भी यह बात सामने आई है। सर्वे में शामिल लोगों में से 96.4 प्रतिशत ने स्क्रीन टाइम कम करने पर जोर दिया है।
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आप भी पढ़ें, लोगों की राय
1. क्या आप मानते हैं कि सोशल मीडिया से फायदे की जगह नुकसान ज्यादा हो रहा है?
हां- 87.5 प्रश
नहीं- 7 प्रश
कह नहीं सकते- 5.5 प्रश
2. सोशल मीडिया को लेकर सरकार को कानून और कड़े करने चाहिए?
हां- 92.6 प्रश
नहीं- 2 प्रश
कह नहीं सकते- 5.4
3. छोटे बच्चों द्वारा सामग्री पोस्ट करने में अभिभावक की सहमति जैसे तकनीकी सुधार किए जाने चाहिए?
हां- 98.2 प्रश
नहीं- 1.8 प्रश
कह नहीं सकते-0 प्रश
4. स्कूल-कॉलेज के पाठ्यक्रम में साइबर सुरक्षा-साइबर साक्षरता जैसे मामलों को प्रमुख विषय की तरह शामिल किया जाना चाहिए?
हां- 98.2 प्रश
नहीं- 1.2 प्रश
कह नहीं सकते- 0 प्रश
5. अभिभावकों को उदाहरण बनते हुए सोशल मीडिया से दूरी बनाकर स्क्रीन टाइम कम करना चाहिए?
हां- 96.4 प्रश
नहीं- 0 प्रश
कह नहीं सकते- 3.6 प्रश