
bjp kisan morcha president conflict (फोटो- Patrika.com)
BJP Kisan Morcha President Conflict: भाजपा के किसान मोर्चे में क्लेश शुरू हो गया है। इंदौर में स्थापित होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा अपनी पसंद से अध्यक्ष बनाना चाहते हैं, लेकिन तीन विधायकों व अन्य नेताओं ने मिलकर एक नाम दिया है। चावड़ा गैर किसान बताने के साथ कई तर्क दे रहे हैं, लेकिन तीनों नेता भी अड़ गए हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि तीन बार के महामंत्री को नेतृत्व करने का मौका दिया जाना चाहिए।
संभागीय संगठन मंत्री पद से हटाए जाने के बाद जयपाल सिंह चावड़ा ने आइडीए अध्यक्ष बनकर सबको चौंका दिया था। उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खास होने का फायदा मिला, जबकि वे देवास के मूल निवासी है। यही वजह है कि प्रदेश भाजपा संगठन ने उन्हें किसान मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। चावड़ा अभी भी इंदौर में स्थापित होने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके चलते अपने मोर्चे में उन्होंने नारायण पटेल को उपाध्यक्ष व सुमेर सोलंकी को मंत्री के साथ विशाल पाठक को दायित्व दिया। बड़ी बात ये है कि तीनों का खेती किसानी से कोई लेना-देना नहीं है।
चावड़ा अब नगर अध्यक्ष भी अपनी पसंद से बनाना चाहते हैं। उन्होंने रामेश्वर पटेल उर्फ गुड्डा का नाम आगे किया है। गुड्डा को बनाकर चावड़ा एक तीर से कई निशाने साध रहे हैं। इसके अलावा उनकी नजर देपालपुर विधानसभा पर है और गुड्डा कलोता समाज से आते हैं। समाज का विधानसभा में बड़ा वोट बैंक है। उनके जरिए समाज में घुसपैठ हो जाएगी ताकि भविष्य में मौका लगने पर लाभउठाया जा सके।
इंदौर किसान मोर्चा के तीन बार से महामंत्री अनिल बौरासी सबसे बड़े दावेदार हैं। उनके समर्थन में विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा और गोलू शुक्ला है जिन्होंने दमदारी से नाम रखा। इसके अलावा किसान नेता रवि रावलिया भी चाहते हैं कि बौरासी को मौका दिया जाए। मजेदार बात ये है कि चावड़ा ने जब बौरासी का नाम दिया तो तर्क दिया कि वे किसान नहीं है। इस पर विरोधियों का कहना है कि बौरासी तीन बार के महामंत्री हैं और दो बार नियुक्ति तो चावड़ा के संभागीय संगठन मंत्री रहते ही हुई, तब क्या देखा? इधर, इंदौर से प्रदेश पदाधिकारी बनाए गए वे भी कौन से किसान है। एक तो जमीन का कारोबारी है जो किसानों की जमीन का सौदा करता है।
पटेल और बौरासी के बीच अध्यक्ष को लेकर चल रही जंग में एक नाम और निकलकर सामने आया है। वर्तमान में मोर्चा के नगर उपाध्यक्ष शेखर चौधरी को भी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वे खाती समाज से ताल्लुक रखते हैं जो बड़ा वोट बैंक है। शहर की ग्रामीण परिवेश वाले चार से पांच वार्डों में समाज का प्रभाव है। देखा जाए तो शहर में किसानी काम करने वाला सबसे बड़ा समाज से आते है।
Published on:
27 May 2026 04:09 pm
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