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पुलिस विभाग में छुट्टी की व्यवस्था में बड़ा बदलाव, इंदौर में नहीं काटने पड़ेंगे अफसरों के चक्कर

Leave process in MP: पुलिस विभाग में सिपाही से लेकर एसपी तक ऑनलाइन छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। नई व्यवस्था से छुट्टी मंजूरी में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी पर स्वतः उच्च अधिकारी कार्रवाई कर सकेंगे।
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इंदौर

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Astha Awasthi

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Updated: 14 Jul 2026, 3:30 PM IST

Leave process in MP: छुट्टी के लिए नई प्रणाली (Photo Source - Patrika)

Leave process in MP: छुट्टी के लिए नई प्रणाली (Photo Source - Patrika)

Police Department: एमपी के इंदौर शहर मेंपुलिस विभाग में छुट्टी लेने की व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने अवकाश प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी पूरी कर ली है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सिपाही से लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्तर तक के अधिकारी मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवकाश के लिए आवेदन करेंगे। इससे छुट्टी मंजूर कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने या व्यक्तिगत स्तर पर आग्रह करने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक नई प्रणाली में प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने लॉगिन आईडी से आवेदन दर्ज करेगा। यह आवेदन संबंधित अधिकारी के पास ऑनलाइन पहुंचेगा, जहां एक निश्चित समय सीमा निर्धारित है। इस समयसीमा के भीतर कर्मचारी के आवदेन पर निर्णय लेना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय में निर्णय नहीं लिया और आवेदन लंबित रखा जाता है या उस पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तो सिस्टम स्वत: उसे अगले स्तर के अधिकारी के पास भेज देगा। इससे अनावश्यक देरी और बिना कारण आवेदन लंबित रखने की शिकायतों पर भी रोक लग सकेगी।

रियल टाइम देख सकेंगे

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि पुलिसकर्मी अपने आवेदन की स्थिति रियल टाइम में देख सकेंगे। उन्हें यह भी पता रहेगा कि आवेदन किस अधिकारी के पास लंबित है, स्वीकृत हुआ है या अस्वीकृत और उसका कारण क्या है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को भी यह जानकारी मिलती रहेगी कि कहीं किसी स्तर पर कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान तो नहीं किया जा रहा है।

सफल रहा पायलट प्रोजेक्ट

प्रोजेक्ट सूत्रों के अनुसार इस डिजिटल सिस्टम को पूरे प्रदेश में लागू करने से पहले इसे कुछ पुलिस इकाइयों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया गया था। इस दौरान सामने आई तकनीकी दिक्कतों और अधिकारियों व कर्मचारियों के सुझावों के आधार पर प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया गया। सफल परीक्षण के बाद अब इसे प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से अवकाश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनेगी। साथ ही पुलिसकर्मियों को छुट्टी के लिए अनावश्यक मानसिक दबाव और प्रशासनिक अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

शिक्षकों की तैयार हो रही कुंडली

एमपी में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। सीधी जिले में विभाग ऐसे शिक्षको की सूची तैयार कर रहा है, जिन्होंने शासन के निर्देशों के बावजूद अब तक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 620 शिक्षक ऐसे है, जिनकी उपस्थिति ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज नहीं हो रही है।