
इंदौर. पहली बार अपना बजट पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी ने बनाया है, जो कि 15 हजार 468 करोड़ रुपए का है। बजट में रखी गई इस राशि में से 90 प्रतिशत पैसा बिजली खरीदने पर खर्च होगा। बाकी का पैसा कर्मचारियों और अफसरों के वेतन के साथ भत्तों पर खर्च होगा। कल बजट को बिजली बोर्ड ने भी मंजूरी दे दी है।
मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर की बैठक प्रदेश के ऊर्जा सचिव और कंपनी के चैयरमैन आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। इसमें कंपनी के प्रबंध निदेशक विकास नरवाल सहित अन्य अफसर मौजूद थे। बिजली वितरण कंपनी ने पहली बार 15 हजार 468 करोड़ रुपए का सालाना राजस्व बजट बनाया, जिसे मंजूरी के लिए कल हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में रखा गया। बजट को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है, ताकि बिजली खरीदी, बिजली संबंधित कार्य करने, वेतन-भत्ते और मेंटेनेंस सहित अन्य कामों पर बजट राशि खर्च कर उपभोक्ताओं को सुविधा दी जा सके।
वित्तीय वर्ष 2020-2021 के बनाए गए बजट से कंपनी क्षेत्र में आने वाले इंदौर-उज्जैन संभाग के सभी 15 जिलों में राशि खर्च की जाएगी। इस राजस्व बजट का 90 प्रतिशत भाग बिजली खरीदी पर, 6.77 प्रतिशत बचा भाग कर्मचारियों एवं अफसरों के वेतन-भत्ते पर और शेष राशि अन्य विकास कार्य करने के साथ मेंटेनेंस पर व्यय की जाएगी। बजट को मंजूरी मप्र वित्त विभाग के उपसचिव अजय चौबे, आईआईटी की प्रोफेसर डॉ. तृप्ति जैन, बिजली वितरण कंपनी के डॉयरेक्टर मनोज झंवर, मुख्य महाप्रबंधक संतोष टैगोर, मुख्य वित्त अधिकारी नरेंद्र बिवालकर, गजरा मेहता, मुख्य अंकेक्षण अधिकारी संजय वत्स, सुब्रतो राय आदि की मौजूदगी में दी गई।