
Indore CBSE School Students: आदित्य विजयवर्गीय और गुरसीत सिंह ने लाइब्रेरी में रखी एक किताब में नोटिस कीं बिग बैंग थ्योरी की तथ्यात्मक गलतियां, तो खुद की रिसर्च और लिख दी किताब। (फोटो पत्रिका)
Indore CBSE School Students Research: सीबीएसई स्कूलों में छात्र साइंस को रटने के बजाय समझने का प्रयास कर रहे हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड की तैयारी कर रहे कई छात्र ऐसे हैं, जो साइंस में स्पेस और ब्रह्मांड की खोज को किताब से आगे जाकर समझने के लिए न सिर्फ पहेलियों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि अनसुलझे सवालों पर किताब तक लिख रहे हैं।
इन दिनों स्कूलों में कॉस्मोलॉजी की कक्षाएं सीबीएसई छात्रों के लिए ब्रह्मांड को समझने का नया नजरिया बनती जा रही हैं। सोशल मीडिया की आधी-अधूरी जानकारी से आगे छात्र बिग बैंग के वैज्ञानिक तथ्य खोजने की तैयारी कर रहे हैं। सीबीएसई विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर बिग बैंग को अक्सर 'शून्य से हुए विस्फोट' के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन इंदौर के सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने इस लोकप्रिय धारणा से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तथ्यों और शोध के आधार पर ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने का प्रयास किया है।
छात्रों ने कॉस्मोलॉजी के 15 से अधिक जटिल विषयों का अध्ययन कर एक ऐसी पुस्तक तैयार की है, जिसमें आसान भाषा में यह बताया गया है कि बिग बैंग सिद्धांत क्या कहता है, किन प्रमाणों पर आधारित है और किन सवालों के जवाब आज भी विज्ञान के पास नहीं हैं।
सीबीएसई एक्सपर्ट यूके झा ने बताया कि बच्चों में सिर्फ साइंस ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र को समझने की जिज्ञासा बढ़ रही है। यदि वे न्यूटन लॉ पढ़ रहे हैं, तो क्यों हुआ था, क्या है? इन बातों को जानने की जिज्ञासा हमेशा बनी रहती है। जिज्ञासा से उनमें पढ़ने की आदत डेवलप होती है। वह ज्यादा से ज्यादा सही जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
9वीं कक्षा के छात्र आदित्य विजयवर्गीय ने बताया कि कक्षा 8वीं के दौरान जब मैं और मेरा दोस्त गुरसीरत सिंह लाइब्रेरी में स्पेस पर आधारित बिग बैंग थ्योरी की किताब पढ़ रहे थे, तब हमने देखा कि उसमें कई जानकारियां गलत हैं, क्योंकि हम दोनों ही बिग बैंग थ्योरी पढ़ चुके थे। इसके बाद हमने वास्तविक तथ्य ढूंढे और सही जानकारी के साथ पूरी बुक लिखी। यह बुक 8वीं के दौरान ही पब्लिश हो चुकी है।
- ब्रह्मांड का स्वभाव।
- सामान्य सापेक्षता।
- क्वांटम यांत्रिकी।
- स्पेस-टाइम का वर्ण। (सहित 10 से ज्यादा विषयों पर किए रिसर्च पेपर तैयार)।
- अंतरिक्ष (स्पेस) के फैलने का वास्तविक अर्थ क्या है?
- क्या समय की भी कोई शुरुआत हुई थी?
- ब्रह्मांड के अस्तित्व में आने से पहले क्या था?
- भौतिकी के नियम ऐसे ही क्यों हैं जैसे वे हैं?
Updated on:
08 Jul 2026 11:20 am
Published on:
08 Jul 2026 11:17 am
