African Zebra: अफ्रीकन जेब्रा के जोड़े को इसी साल एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत जनवरी माह में जू में लाया गया था. इसके बदले में इंदौर से व्हाइट टाइगर गुजरात के जामनगर भेजा गया.
African Zebra Born In Indore Zoo: इंदौर के जू में अब बाघ के बाद जेब्रा का कुनबा भी बढऩा शुरू हो गया है। चिड़ियाघर में तीन साल बाद जेब्रा का जन्म हुआ है। यह जेब्रा प्रदेश में पहला है क्योंकि इंदौर में ही अफ्रीकन जेब्रा जोड़ा है। रविवार रात करीब साढ़े दस बजे इसका जन्म हुआ। गुजरात के जामनगर से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जेब्रा का जोड़ा चिड़ियाघर लाया गया था। जामनगर को इसके बदले टाइगर दिया गया था।
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (जू) में रविवार देर रात को जेब्रा के बच्चे का जन्म हुआ, जिससे जू के स्टाफ और आगंतुकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। प्राणी संग्रहालय के अधिकारियों ने इस नवजात शावक की देखभाल के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। शावक और उसकी मां दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें विशेष देखरेख में रखा गया है।
जन्म लेने वाला नया जेब्रा नर है और जल्दी ही चिडि़याघर प्रबंधन उसका नामकरण भी करेगा। इंदौर चिडि़याघर में जेब्रा नहीं था। जू एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पहले मुबंई के चिडि़याघर से इसे लाने की कवायद की गई थी, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ पाई। बाद में जाम नगर चिडि़याघर से जेब्रा को इंदौर पहुंचाने की सहमति बनी थी।
इंदौर चिडि़याघर में 1200 से ज्यादा वन्य प्राणी है। यहां टायगरों के लिए खुले पिंजरे बनाए गए है और उनका वातावरण भी जंगल जैसा है। इस माहौल के कारण एक साल में दस शावकों ने इंदौर चिडि़याघर में जन्म लिया है। चिडि़याघर में सांप घर और बर्ड हाऊस भी बना हुआ है। जिसे पर्यटक काफी पसंद करते है ।