
24th death in Indore Contaminated Water Crisis (फोटो- Patrika.com)
Indore Contaminated Water Crisis: दूषित पानी से उल्टी-दस्त की चपेट में आने से गुरुवार को भागीरथपुरा की सुभद्रा बाई (78) पति बसंतराव पंवार की मौत हो गई। 28 कर दिसंबर को उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। 31 दिसंबर को डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दवाइयां दे दीं। बेटे मनीष ने बताया, 5वें दिन तबीयत बिगड़ी तो डॉक्टर को दिखाया। उन्हें किडनी-लिवर की परेशानी हो गई। 8 जनवरी को तबीयत ज्यादा बिगड़ी, अस्पताल ले गए। डेढ़ लाख रुपए खर्च किए, पर जान नहीं बची। मनीष की पत्नी प्रिया (47) भी बीमार है।
इस बीच मामले में एमपी हाईकोर्ट (MP High Court) में सुनवाई हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा, दूषित पानी से 15 मौतें हुईं, 21 को मुआवजा दिया। सप्लाई लाइन में सुधार, निगमायुक्त व अन्य अफसरों पर कार्रवाई भी गिनाई। कोर्ट में सरकार की ओर से मौतों के अलग-अलग आंकड़े पर वकीलों ने आपत्ति ली। कोर्ट ने सही जानकारी पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को स्पष्ट किया कि क्षेत्र के लोगों को साफ पानी, इलाज मिले.. यह कोर्ट की प्राथमिकता है। जिम्मेदरों पर क्या कार्रवाई की, हम बाद में बात करेंगे। सुनवाई 20 को होगी।
सीएस के 21 मौतों के उल्लेख पर याचिकाकर्ता व हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रीतेश इनानी ने आपत्ति ली। कोर्ट को बताया, उन्हें दोपहर 12.55 बजे स्थिति रिपोर्ट सरकारी वकील ने दी है। उसमें 7 मौतों का जिक्र है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया, मनीष यादव, विभोर खंडेलवाल व अन्य ने रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट न होने का मुद्दा उठाया। सीएस ने सफाई दी की गंदे पानी से मौतें कम हुई हैं, पर जो अस्पतालों में थे. उन्हें भी मुआवजा दिया। कोर्ट ने सीएस से कोर्ट में पेश रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
मौतें: कोर्ट में सीएम अनुराग जैन ने बताया, दूषित पानी से 15 मौतें हुईं। 21 को मुआवजा दिया।
सुधार: भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी से जुड़े से 50 से ज्यादा प्वॉइंट दुरुस्त किए। नई पाइपलाइन भी डाली जा रही है।
कार्रवाई: निगमायुक्त रहे दिलीप यादव को हटा दिया है। काबिल अफसर को निगमायुक्त बनाया है। अपर आयुक्त, सिटी इंजीनियर, क्षेत्रीय उपयंत्री, जोनल अधिकारी सहित कई को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की है।
इलाज: कोर्ट के आदेश के मुताबिक सरकारी खर्च पर 400 से ज्यादा मरीजों का इलाज कराया जा रहा है। 48 अभी भर्ती हैं। बाकी डिस्चार्ज हो चुके।
भविष्य की तैयारी: इंदौर में साफ पानी के लिए 800 करोड़ की योजना का भूमिपूजन सीएम ने किया। पूरे प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में साफ पानी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को 5000 करोड़ रुपए मंजूर किए। इसकी मानिटरिंग मॉडर्न तकनीक व रोबोटिक्स की मदद से करेंगे।
Updated on:
16 Jan 2026, 12:22 AM IST
Published on:
16 Jan 2026, 12:22 AM IST
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