इंदौर-भोपाल से अधिक दूरी की बसों का हो रहा संचालन इंदौर से बैतूल, हरदा रूट पर चार्टर्ड एसी बसें बदहाल, यात्री परेशानरखरखाव के अभाव में एसी बसों की हालत खराब
इंदौर।
अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) ने इंदौरभोपाल रूट के साथ ही अंतरराज्यीय बस सेवा अलग-अलग रूट पर शुरू की है, जिसमें इंदौर-बैतूल रूट यानी एनएच 59 ए पर एसी और नॉन एसी बसें संचालित हो रही हैं। ये बसें शुरुआत में इंदौर-भोपाल रूट की तर्ज पर ही शुरू की गई थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे बसें उचित रखरखाव के अभाव में बदहाल होती जा रही हैं। बस की सीट से लेकर अन्य सुविधाओं में टूट-फूट को दुरुस्त तक नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं, बसों में साफ-सफाई बराबर नहीं हो पा रही है।
इंदौर से बैतूल, होशंगाबाद, हरदा आदि रूट पर एआईसीटीएसएल से अनुबंधित चार्टर्ड बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों की बुकिंग यात्री ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन तक करा रहे हैं। एसी बस में सफर करने वाले यात्रियों को सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा। इंदौर से या फिर बैतूल, हरदा, होशंगाबाद से शुरू होने वाली बसें पूरी तरह
से साफ नजर नहीं आती है। बसों में लगातार हो रही टूट-फूट को भी ठीक नहीं कराया जा रहा है। ऐसा लगता है बस मालिक अब बसों की मरम्मत पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं, बस में मौजूद स्टाफ भी लापरवाह ही नजर आता है। बस में कुलिंग से लेकर अन्य सुविधाएं नदारद हैं।
भीषण गर्मी में पानी तक नहीं
एआईसीटीएसएल कंपनी केवल बस में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा का ख्याल भोपाल रूट पर ही रखती है। एनएच 59 रूट पर चलने वाली एसी बसों में किसी भी प्रकार की सुविधाएं यात्रियों को नहीं दी जा रही हैं, जबकि इस रूट पर भोपाल से अधिक दूरी की बसें चलती हैं। बस में यात्रियों को पानी की एक बूंद तक नहीं मिलती है। जबकि भोपाल रूट पर चलने वाली बसों में यात्रियों को पानी की बोतल जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। इस रूट पर चलने वाली बसों में भी यात्रियों ने मांग की है कि उन्हें भी बस के अंदर पानी की बोतल सहित अन्य सुविधाएं भोपाल रूट की तर्ज पर उपलब्ध कराएं।
एसी बस, लेकिन कंडक्टर खुला रखता दरवाजा
एसी बस में यूं तो कैमरे लगे हैं, लेकिन मानिटरिंग के अभाव में रामराज चल रहा है। बस में मौजूद स्टाफ, ड्राइवर और यात्रियों के बीच में लगे गेट को पूरे समय खुला ही रखते चलते हैं। जिससे ड्राइवर के पास लगे इंजन की गर्मी और बाहर से आने वाली गर्म हवा यात्रियों की सीटों तक पहुंचती है। जिससे बस एसी की कुलिंग का कोई असर बस के अंदर नहीं होता है। एसी में सफर करने वाले यात्रियों को ऐसा लगता है जैसे वे नॉन एसी बस में सफर कर रहे हैं। यात्रियों ने बताया कि कई बार बोलने पर कंडेक्टर दरवाजा लगा देता है, लेकिन दरवाजे में लॉक काम नहीं करने पर हवा के प्रेशर से फिर खुल जाता है। बस पूरी तरह से पैक नहीं होने से कुलिंग का एहसास नहीं होता है।