अवैध नियमावली से हुए चुनाव शून्य घोषित करने की मांग
Indore News.
एआईएमपी के चुनाव होने के बाद कल इसकी कार्यकारिणी का भी गठन हो गया। 15 सदस्यीय कार्यकारिणी में अध्यक्ष, मानद सचिव, एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक-एक संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष और आठ कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। चुनाव को लेकर एक बार फिर रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी को शिकायत की गई। इसमें नियमों के खिलाफ हुए चुनाव को शून्य घोषित करने की मांग की गई।
एआईएमपी के चुनाव को लेकर इसके पहले भी शिकायत की गई थी, जिसके बाद रजिस्ट्रार का नोटिस भी संस्था को आया था, जिसमें संस्था के रजिस्टर्ड संविधान के अनुसार चुनाव करवाने के निर्देश थे। साथ ही कहा था कि यदि अपंजीकृत नियमों से चुनाव हुए तो ये स्वमेव शून्य माने जाएंगे। हालांकि संस्था के तत्कालीन पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार के नोटिस को नहीं माना और उन्हीं नियमों से चुनाव करवा लिए, जो अब तक फम्र्स एंड सोसाइटी में रजिस्टर नहीं करवाए गए। चुनाव में एक ही पैनल खड़ी थी, सामने कोई लड़ा ही नहीं और पैनल के सभी उम्मीद्वार जीते।
अब कार्यकारिणी का गठन हुआ तो शिकायतकर्ताओं ने एक बार फिर रजिस्ट्रार को शिकायत की है। इसमें कहा गया है कि संस्था के चुनाव और सारे कार्यकलाप विधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं किए गए। चुनावी प्रक्रिया अपंजीकृत प्रावधानों के अनुसार हुई और इसलिए कार्यवाई स्वमेव शून्य होती है। इसलिए संस्था के सभी कार्यकलापों पर रोक लगाकर संस्था के कामकाज, दस्तावेज, बैंकिंग एवं आर्थिक व्यवहार को नियंत्रण में लेकर सूक्ष्म जांच करवाएं।
ये आए कार्यकारिणी में
एआईएमपी के चुनाव 21 सितंबर को हुए थे। कल चुनी गई कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद पर प्रमोद डाफरिया को चुना गया, जो पिछली कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे। वहीं मानद सचिव सुनील व्यास चुने गए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश जैन, उपाध्यक्ष योगेश मेहता व दिलीप देव, संयुक्त सचिव तरुण व्यास और कोषाध्यक्ष हरीश नागर बने। सबसे ज्यादा वोट पाने वाले अमित धाकड़ को सदस्य के रूप में लिया गया। सदस्यों में हरीश भाटिया, सतीष मित्तल, हेमेन्द्र बोकाडिया, अनिल पालीवाल, तपन जैन, रमेश पटेल, रीना जैन हैं।