जिले में 3 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। हाल ही में इनके लिए ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए थे। ये टीमें अब घर-घर जाकर सूची में जानकारी दर्ज करेंगी।
MP News: जनगणना के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा बनाई गई कर्मचारियों-अधिकारियों की सूची में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सूची में उनके भी नाम शामिल हैं, जिनका जिले से बाहर तबादला हो गया है, रिटायर हो चुके हैं या उनकी मौत हो गई है। इस बात का खुलासा हाल ही में हुए प्रशिक्षण में हुआ। प्रशिक्षण के दौरान 700 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों के नदारद होने पर चेतावनी और फिर नोटिस दिए गए। जब कोई जवाब नहीं मिला तो निगम अधिकारियों ने संपर्क किया। तब पता चला कि इनमें से कई लोग या तो दुनिया में नहीं हैं या रिटायर हो चुके हैं।
मालूम हुआ कि वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान ड्यूटी सूची को कॉपी-पेस्ट करने से यह गफलत हुई। अब सूची में सुधार कर दिया गया है, लेकिन अब जनगणना के लिए कर्मचारियों की कमी हो गई और फील्ड में मौजूद स्टाफ को दिक्कत हो रही है। जिन लोगों के नाम कटे हैं, उनके स्थान पर नए अधिकारी- कर्मचारी नियुक्त कर दिए हैं।
जनगणना के लिए प्रगणक और बतौर सुपरवाइजर कर्मचारी नियुक्त किए हैं। 6 प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर है। जिले में 3 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। हाल ही में इनके लिए ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए थे। ये टीमें अब घर-घर जाकर सूची में जानकारी दर्ज करेंगी। सूत्रों के अनुसार, जनगणना के लिए तैयार सूची में सैकड़ों लोगों ने वास्तविक कारणों के चलते ड्यूटी निरस्त कराने का प्रयास किया है।
केस-1
जिला प्रशासन ने अतुल नामचीन की ड्यूटी लगाई थी। वे पीडब्ल्यूडी में पदस्थ थे और पिछली जनगणना में भी इनकी ड्यूटी लगी थी। उनका कुछ दिन पहले देहांत हो गया, लेकिन इस बार भी इनका नाम शामिल कर दिया गया था।
केस-2
आशीष नामक व्यक्ति की भी जनगणना में ड्यूटी लगी थी। वे नगर निगम में पदस्थ थे, कुछ दिन पहले वे रिटायर हो चुके हैं।
केस-3
बसंती बाई पीएचई में पदस्थ थीं और अब रिटायर हो चुकी हैं। इनका नाम भी जनगणना करने वाले कर्मचारियों की सूची में था।
केस-4
बीसी चौहान भी रिटायर हो चुके हैं, लेकिन उनका नाम भी सूची में था।
जनगणना के लिए गुरुवार को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने डिजिटली स्व-गणना फॉर्म भरा। इससे पहले कलेक्टर शिवम वर्मा सहित कुछ जनप्रतिनिधि स्व गणना फॉर्म भर चुके हैं। सिंघल ने बताया कि अभी जनगणना डिजिटल पोर्टल से स्वयं जानकारी भरकर एसई आइडी (स्व-गणना आइडी) प्राप्त कर सकते हैं। यह आइडी जनगणना अधिकारी के साथ साझा करने पर अगली कार्रवाई पूर्ण होगी।