Azab-Gazab: मध्यप्रदेश के इंदौर हाईकोर्ट ने रिव्यू पिटीशन पर फैसला सुनाते हुए लहसुन को कृषि उपज माना है। पहले लहसुन के मसाला और सब्जी होने पर बड़ी बहस छिड़ी थी।
Azab-Gazab: आप सबके मन में कभी न कभी ये ख्याल जरुर आता होगा कि लहसुन मसाला है या सब्जी, लेकिन आपको पता नहीं होगा कि इसको लेकर मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है। इस मामले पर इंदौर हाई कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन पर फैसला सुनाया है।
इंदौर हाईकोर्ट ने आदेश के खिलाफ सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि लहसुन को किसान कहीं भी बेचने के स्वतंत्र हैं। इस फैसले पर हाईकोर्ट खिलाफ मुकेश सोमान की ओर से डब बेंच में अपील की गई थी। जिसमें हाईकोर्ट की डबल बेंच ने लहसुन को कृषि उपज माना है। जिसे सब्जी मंडी में बेचने की व्यवस्था खत्म करके पूर्व में प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिए गए आदेश को यथावत रखा है।
आलू-प्याज कमिशन एसोसिएशन ने हाईकोर्ट ने रिव्यू पिटीशन दाखिल किया है। जिसमें हाईकोर्ट ने कहा है कि किसान अपनी सुविधा के अनुसार लहसुन की फसल को कृषि उपज मंडी के अलावा सब्जी मंडी व्यापारियों को बेच सकेगा।
सब्जी मंडी में लहसुन खरीदने के दौरान मंडी के व्यापारी न केवल उपज की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। किसान को मंडी में उपज बिकने तक रहने खाने और सोने आदि की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराते हैं। इस व्यवस्था में लहसुन के भाव और बोली तय करना व्यापारियों पर निर्भर करता है।