
Cyber Cell: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने साइबर अपराध की जांच के नाम पर केवल साइबर सेल के ई-मेल के आधार पर बैंक खाते फीज करने की कार्रवाई पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने उज्जैन निवासी हेमंत बैरागी का एचडीएफसी बैंक खाता अनफीज करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी खाते में साइबर अपराध से जुड़ी विवादित राशि होने का दावा है तो उसे सावधि जमा (एफडी) में रखा जा सकता है, लेकिन पूरे बैंक खाते का संचालन अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता।
न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने यह आदेश हेमंत बैरागी रिट याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवम राठौर ने दलील दी कि यह मामला मैल्कम मुरायिस बनाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य मामले में 26 अप्रैल 2024 को दिए गए फैसले से पूरी तरह आच्छादित है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि वही सिद्धांत वर्तमान मामले पर भी लागू होगा।
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह रिप्टो और वर्चुअल करंसी का व्यापार करते हैं। उनका एचडीएफसी बैंक, निकास चौराहा, उज्जैन स्थित खाता बिना किसी पूर्व सूचना और वैधानिक प्रक्रिया के फौज के फीज कर दिया गया। याचिकाकर्ता का कहना था कि यदि किसी साइबर धोखाधड़ी से संबंधित राशि खाते में आई भी है तो उसे अलग एफडी में रखा जा सकता है, लेकिन पूरे खाते का संचालन रोकना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस अथवा साइबर जांच एजेंसी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता या अन्य लागू कानून के तहत तीन माह के भीतर सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। विवादित राशि तब तक एफडी में रखी जाएगी। यदि निर्धारित अवधि में वैधानिक कार्रवाई नहीं होती है तो खाताधारक संबंधित पुलिस एजेंसी को सूचना देकर एफडी में रखी राशि भी निकाल सकेगा।
कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में विभिन्न राज्यों की साइबर सेल ने बैंक खातों को फीज कराने के लिए ई-मेल तो भेज दिए, लेकिन बाद में न्यायालय की नोटिस और बैंकों के ई-मेल का जवाब तक नहीं दिया। अदालत ने इसे जांच एजेंसियों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली बताया।
-साइबर सेल के ई-मेल के आधार पर बैंक खाता अनिश्चितकाल तक फीज नहीं रखा जा सकता।
-विवादित राशि को अलग एफडी में सुरक्षित रखा जा सकता है।
-पुलिस या साइबर एजेंसी को तीन माह में सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्रवाई करनी होगी।
-समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर एफडी की राशि निकाल सकेगा।
-याचिकाकर्ता का एचडीएफसी बैंक खाता तत्काल प्रभाव से अनफीज करने के निर्देश।