इंदौर

लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे… जमा कर दो रसीद कट्टे

आजीवन सहयोग निधि इकट्ठा करने में पिछड़ी इंदौर भाजपा
2 min read
Jul 18, 2018
bjp
लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे... जमा कर दो रसीद कट्टे

इंदौर। संगठन चलाने के लिए इक_ा होने वाली भाजपा की आजीवन सहयोग निधि के लक्ष्य से इंदौर पिछड़ गया। कई नेताओं ने पैसे जमा किए न रसीद कट्टे। प्रदेश के निर्देश पर सभी मंडल अध्यक्षों को काम पर लगा दिया। वहीं सभी को हिसाब जमा करने को कहा गया।

भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियों के खर्च की व्यवस्था कार्यकर्ता करते हैं। इसके लिए पार्टी ने आजीवन सहयोग निधि की व्यवस्था कर रखी है। सालाना पैसा इक_ा होता है, जिसे मंडल, जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बांट दिया जाता है। इंदौर में एक करोड़ ३० लाख रुपए का लक्ष्य था। अभियान का प्रभारी महापौर मालिनी गौड़ को बनाया गया, लेकिन भाजपा की गाड़ी ८० लाख रुपए के आसपास आकर टिक गई।

बताया जा रहा है कि आठ से दस लाख रुपए जोर लगाने पर और जमा हो सकते हैं। मंडल स्तर पर रसीद कट्टे भी दे दिए गए थे, लेकिन वे नहीं लौटे। प्रदेश भाजपा की ओर से निर्देश आ गए कि तुरंत सारा हिसाब-किताब जमा किया जाए। अभियान में जितनी मोहलत देना थी, दे दी गई। सख्ती को देखते हुए नगर भाजपा ने सभी मंडल अध्यक्षों को सख्त निर्देश दे दिए।

कहना था कि पैसे इक_ा नहीं हो रहे हैं तो रसीद कट्टे जमा करा दो। इसके बाद से मंडल अध्यक्षों ने क्षेत्र में फेरी लगाना शुरू कर दी। मजेदार बात ये है कि कई नेताओं ने रसीद तो काट दी, लेकिन राशि लेना बता रहे हैं, जिस पर इक_ा करने के लिए एक-दो दिन का समय दिया गया है।

मंडलों को नहीं मिलता उनका हिस्सा
मंडल स्तर पर एक बार फिर हिस्से की चर्चा उठ गई है। इक_ा होने वाले पैसे का एक चौथाई हिस्सा उन्हें मिलना चाहिए। होता ये है कि पैसा प्रदेश से नगर के पास तो आ जाता है, लेकिन उन्हें नहीं दिया जाता। मंडल अध्यक्षों ने बैठक में कई बार मुद्दा उठाया। कई जिम्मेदारों को भी कहा, लेकिन उनके खाते में हक का पैसा नहीं पहुंचा। अब भी मंडल स्तर पर होने वाले आयोजनों में उन्हें पार्षद व विधायक का मुंह तांकना पड़ता है।

Published on:
18 Jul 2018 11:46 am