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जिस बहन को मृत मानते रहे, 23 साल बाद इंदौर में वह जीवित मिली, देखकर रो पड़ा भाई

woman from amravati found in indore : परिजनों को मिली बिछोह से आजादी: इंदौर के मानसिक चिकित्सालय में उपचाररत थी अमरावती की महिला
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woman from dhamangaon amravati found in indore

woman from dhamangaon amravati found in indore- image patrika.com

indore : रक्षा बंधन से पूर्व एक भाई को जीवन का सबसे बड़ा तोहफा मिल गया। 23 साल से जिस बहन को मृत मान रहे थे, उसे जीवित देख उनके आंसू निकल पड़े। इंदौर में यह घटना घटी। करीब दो साल पहले सड़क पर भटकती 50 वर्षीय महिला को जब मानसिक चिकित्सालय बाणगंगा लाया गया था, तब वह अपना नाम-पता तक बताने की स्थिति में नहीं थी। लगातार उपचार और देखभाल के बाद मानसिक स्थिति सुधरी तो महिला ने अपने गांव से जुड़ी कुछ जानकारी दी। इसी कड़ी ने महिला को अपनों तक पहुंचा दिया।

परिजनों ने बताया कि विवाह के बाद पति ने बहन को घर से निकाल दिया। उनकी कोई संतान नहीं थी। उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गई और वे घर से कहीं चली गईं। बहन को सालों तक बहुत तलाश किया लेकिन नहीं मिलीं। इसके बाद थक हार कर घर पर बैठ गए। बहन के जीवित रहने की खबर के बाद मानो घर की खुशियां दोबारा लौट आई हैं।

नर्सिंग ऑफिसर जितेंद्र सुमन ने थाना धामणगांव के माध्यम से परिजनों से संपर्क किया

जानकारी के आधार पर महिला का संबंध महाराष्ट्र के अमरावती जिले के गूंजी गांव से सामने आया। नर्सिंग ऑफिसर जितेंद्र सुमन ने नजदीकी थाना धामणगांव के माध्यम से परिजनों से संपर्क किया।

विवाह के बाद संतान नहीं होने के कारण पति ने घर से निकाल दिया

बातचीत में पता चला कि महिला करीब 23 साल पहले परिवार से बिछड़ गई थीं। विवाह के बाद संतान नहीं होने के कारण पति ने घर से निकाल दिया था। इसके बाद मानसिक स्थिति बिगड़ गई और वह लापता हो गईं। इस दौरान उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। वर्षों तक कोई खबर नहीं मिलने पर परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था और मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी।

भाई हो गया भावुक

बहन के जीवित होने की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। मानसिक चिकित्सालय में जैसे ही भाई ने बहन को जीवित देखा तो माहौल भावुक हो गया। परिजन की आंखों में खुशी के आंसू थे।

एक भाई के लिए इससे बड़ा तोहफा और क्या

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा कि रक्षा बंधन से ठीक पहले 23 वर्षों से बिछड़ी बहन का मिलना एक भाई के लिए इससे बड़ा तोहफा और क्या हो सकता है। स्वास्थ्य जांच के दौरान उनमें गंभीर रोग की भी पुष्टि हुई। डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया के मार्गदर्शन में सर्जरी की तैयारी कर उनका ऑपरेशन किया गया।

प्रमुख बिंदु

रक्षा बंधन से पूर्व भाई को मिली बहन
इंदौर में जीवित देख रो पड़े परिजन,
बहन को 23 वर्षों से मृत मानते रहे
बिछोह से मिली आजादी
खबर मिलने पर महिला का भाई भावुक हुआ