MP News: कुछ वर्षों से मेहनत करने वाले पदाधिकारी भी फिर से खंभ ठोक रहे हैं। भाजपा में पहले पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ हुआ करता था, लेकिन मतदाताओं की संख्या देखते हुए उसे मोर्चे में तब्दील कर दिया गया।
MP News: कुछ समय पहले तक भाजपा में पिछड़ा वर्ग मोर्चा में कोई भी नेता पदाधिकारी नहीं बनाना चाहता था। कार्यकर्ता ढूंढऩे पड़ते थे, लेकिन अब नेता अपने समर्थक को बनाने के लिए अड़े हुए हैं। विधायक गोलू शुक्ला और जीतू जिराती में रस्साकशी चल रही है। दोनों ही अपने समर्थक को उपकृत करना चाहते हैं, जबकि दोनों के बीच जबर्दस्त ट्यूनिंग है। इनके अलावा कुछ वर्षों से मेहनत करने वाले पदाधिकारी भी फिर से खंभ ठोक रहे हैं।
भाजपा में पहले पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ हुआ करता था, लेकिन मतदाताओं की संख्या देखते हुए उसे मोर्चे में तब्दील कर दिया गया। युवा, महिला, अजा और अजजा मोर्चा के साथ पिछड़ा को भी खासी तवज्जो दी जाने लगी। इस बीच कांग्रेस ने भी पिछड़ा वर्ग की राजनीति करके माहौल को गरमा दिया।
असर ये हुआ कि अब पिछड़ा वर्ग मोर्चा में अध्यक्ष का पद भी महत्वपूर्ण हो गया है। बनने के लिए दावेदारों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है तो कुछ नेता अपने समर्थकों को उपकृत करना चाहते हैं। हाल ही में नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सभी मोर्चा अध्यक्षों के लिए कोर कमेटी से नाम लेना शुरू कर दिए हैं। पहली बार पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष के लिए कश्मकश जैसी स्थिति है। विधायक गोलू शुक्ला ने संजय कौशिक का नाम दिया है और वे चाहते हैं कि उनकी विधानसभा के कार्यकर्ता को मौका दिया जाए।
इधर, विधायक रहे जीतू जिराती ने अपने खास निलेश चौधरी का नाम आगे बढ़ाया है। वे चाहते हैं कि नगर भाजपा में स्थान नहीं दिया गया है तो मोर्चा में बनाकर उपकृत किया जाए। दोनों ही नेता अपने-अपने नाम देकर अड़े हुए हैं। मजेदार बात ये है कि निलेश का नाम आते ही विधायक मधु वर्मा के अलावा कुछ नेता सक्रिय हो गए हैं। वे निलेश के नगर भाजपा में पदाधिकारी नहीं बनने पर हुए प्रदर्शन में नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा की नेम प्लेट पर कालिख पोतने और पुतला जलाने की घटना को भोपाल पहुंचा रहे हैं।
पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मौजूदा अध्यक्ष रघु यादव फिर से बनना चाहते हैं जिसके लिए सभापति मुन्नालाल यादव लॉबिंग कर रहे हैं। एक बार फिर मौका दिए जाने की सिफारिश की गई। इसके अलावा मौजूदा महामंत्री व हिंदूवादी नेता जीतू कुशवाह भी अध्यक्ष बनने का दावा ठोक रहे हैं। वे लगातार अपनी सक्रियता को आधार बनाकर बनना चाहते हैं।
विधायक मालिनी गौड़ भी अपनी विधानसभा से मोर्चा में अध्यक्ष बनाने के लिए नाम दे रही हैं तो आकाश विजयवर्गीय भी एक नंबर विधानसभा से अध्यक्ष बनाने की सिफारिश कर रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों उनके खास राजेश चौहान को प्रदेश मंत्री बनाया जा चुका है। ऐसी स्थिति में उनके दूसरे समर्थक को एक ही मोर्चा की जिम्मेदारी दी जाना मुश्किल नजर आ रही है।