जबलपुर हाई कोर्ट का फैसला, इंदौर जिला अभिभाषक संघ ने लगाई थी जनहित याचिका
इंदौर. जिला कोर्ट का नया भवन पीपल्याहाना तालाब के पास ही बनाया जाएगा। एमजी रोड स्थित वर्तमान स्थान पर ही जिला कोर्ट भवन के विस्तार की मांग जबलपुर हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है।
जिला अभिभाषक संघ की इस संंबध में दायर जनहित याचिका गुरुवार को चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगल पीठ ने निराकृत कर दी।
21 दिसंबर को सभी पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे गुरुवार को सुनाया गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के चलते शासन के प्रस्ताव को मानते हुए कोर्ट ने शासन के पक्ष में फैसला सुनाया। नया कोर्ट भवन पीपल्याहाना तालाब से ३० मीटर दूरी पर बनेगा। वर्तमान जिला कोर्ट से ६ किलोमीटर दूर नया भवन बनाने का जिला कोर्ट के वकील लगातार विरोध कर रहे थे और इसके लिए जनहित याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा, सरकार द्वारा आवंटित जगह जरूरतों के लिहाज से उपयुक्त रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती पर लेंगे निर्णय
एमजी रोड स्थित जिला कोर्ट भवन शिफ्ट करने के खिलाफ जबलपुर हाई कोर्ट में जिला अभिभाषक संघ की याचिका निराकृत होने के बाद गुरुवार को जिला अभिभाषक संघ ने शाम करीब चार बजे कार्यकारिणी की बैठक हुई।
सहसचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया, फैसले की प्रति का बारीकी से अवलोकन करने के बाद संघ की विशेष साधारण सभा बुलाई जाएगी। इसमें हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने या न देने पर निर्णय लिया जाएगा।
तालाब के बगल में देंगे 12 एकड़
सरकार ने कोर्ट को बताया कि तालाब से लगी 12.12 एकड़ जमीन जिला कोर्ट भवन के लिए आवंटित की जा सकती है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की स्कीम 140 स्थित 3.50 एकड़ जमीन भी इसके लिए प्रस्तावित है। इसके बाद 15.62 एकड़ जमीन मिल जाएगी। यह जमीन तालाब से करीब ३० मीटर दूर है।
आदेश के मुख्य बिंदु
होप मिल की जमीन से जुड़े लगभग 40 मामले अदालतों में लंबित हैं। यहां सिर्फ 7.218 एकड़ जमीन खाली है, जिसमें 179 कोर्ट रूम और अन्य भवनों का निर्माण संभव नहीं है। राजस्व कमिश्नर व अन्य कार्यालयों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव उचित नहीं है। इनके शिफ्ट होने पर यह जगह मिलेगी। इसमें कम से कम 3 साल लग जाएंगे। 2000 में पीपल्याहाना तालाब की जमीन आवंटित की गई थी। प्लॉट नंबर ५१७ में नई इमारत बनेगी। सरकार २०१८-१९ में निर्माण के लिए फंड उपलब्ध कराएगी। ६ माह के अंदर काम पूरा करना होगा।