MP News: गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से ड्रोन के साथ तैनात पुलिसकर्मी सूचना देगा।
MP News: ट्रैफिक पुलिस अब ड्रोन से गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर सड़कों को जाम से बचाने की योजना तैयार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पीक ऑवर्स में ड्रोन से ट्रैफिक जाम होने की स्थिति को भांपते हुए पहले ही टीम तैनात कर दी जाती है।
गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिसके जरिए विभिन्न मार्गों पर यातायात की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। डीसीपी (ट्रैफिक) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया, पूरे शहर मे ड्रोन कैमरों से मॉनिटरिंग की जाएगी। गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से ड्रोन के साथ तैनात पुलिसकर्मी सूचना देगा। उसी के आधार पर टीम आगे कार्रवाई करेगी। शुरुआत में कुछ हिस्सों को शामिल किया है। इसके लिए पूरे शहर में जाम लगने वाले चौराहों पर ड्रोन यूनिट तैनात की जाएगी।
यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो मोबाइल लोकेशन, डेटा व जीपीएस तकनीक से सड़कों पर चल रहे वाहनों की गति व घनत्व का विश्लेषण करता है। इसके आधार पर संबंधित मार्गों की स्थिति को रंगों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है। इसके बाद पुलिस उस स्थान पर पहुंचकर कार्रवाई करने जैसे कदम उठाती है।
यह कई तकनीकों के माध्यम से काम करता है, जैसे…
GPS तकनीक – वाहनों में लगे GPS से उनकी लाइव लोकेशन मिलती है।
CCTV कैमरे – सड़कों और चौराहों पर लगे कैमरे ट्रैफिक की स्थिति रिकॉर्ड करते हैं।
मोबाइल ऐप और मैप्स – जैसे Google Maps या Mappls, जो लाइव ट्रैफिक अपडेट दिखाते हैं।
सेंसर और डेटा एनालिसिस – सड़क पर लगे सेंसर वाहनों की संख्या और गति मापते हैं।
हरा: यातायात सामान्य व सुचारू रूप से संचालित
पीला: यातायात धीमी गति से चल रहा है
गहरा लाल: अत्यधिक यातायात दबाव / रुका यातायात की स्थिति