
Indore News : मध्य प्रदेश में आबकारी विभाग के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोकायुक्त में आय से अधिक संपत्ति के मामले का सामना कर रहे भदौरिया के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी के भोपाल आंचलिक कार्यालय ने इंदौर स्थित विशेष न्यायालय में अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर की है। शिकायत पर विशेष न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया है।
ईडी ने यह जांच विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त), इंदौर द्वारा दर्ज एफआइआर के आधार पर शुरू की थी। लोकायुक्त ने भदौरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। आरोप है कि आबकारी विभाग में पदस्थ रहते हुए उन्होंने अपनी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की।
जांच के दौरान ईडी को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर एजेंसी का दावा है कि, भदौरिया ने कथित अपराध से अर्जित धन को अपने साथ-साथ परिवार के सदस्यों के नाम पर भी निवेश किया। जांच में सामने आया कि इस राशि से उच्च मूल्य की चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं, जिन्हें वैध आय से अर्जित संपत्ति के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया।
ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों का मूल्य उनकी घोषित आय की तुलना में कई गुना ज्यादा है और इन्हें पीएमएलए के तहत अपराध से अर्जित आय माना गया है। ईडी की जांच में कथित अपराध से अर्जित आय का कुल मूल्य करीब 18.20 करोड़ रुपए आंका गया है। इसी आधार पर एजेंसी पहले ही पीएमएलए की धारा 5 (1) के तहत चल और अचल संपत्तियों को अंतिम रूप से कुर्क कर चुकी है। कुर्क की गई संपत्तियों में नकदी, सोना-चांदी, जमीन-मकान सहित अन्य मूल्यवान परिसंपत्तियां शामिल हैं।
अब विशेष न्यायालय में अभियोजन शिकायत दायर होने और नोटिस जारी होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं, इस कार्रवाई से भदौरिया की कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं, क्योंकि उन्हें अब लोकायुक्त के साथ-साथ ईडी की कार्रवाई का भी सामना करना होगा।