
लखन शर्मा, इंदौर. सोशल मीडिया पर लड़कियों, महिलाओं के साथ फ्लर्टिंग करने वालो को इंदौर की एक अदालत ने कड़ा सबक दिया है। अदालत ने झूठ बोलकर प्रेम संबंध बनाने वाले प्रेमी को पीडि़ता का पति मानते हुए उसके तथा अपराध में बेटे का साथ देने वाले पिता के खिलाफ भी घरेलू हिंसा का प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोप है कि अपनी पहली जीवित पत्नी को मृत बताकर धोखा देकर पीडि़ता के साथ संबंध बनाए थे।
इंदौर जिला सत्र न्यायालय के समक्ष इंदौर निवासी युवती ने भारत भरत सिंह धाकड़ निवासी लिंबोदी पर आरोप लगाया कि उसने फेसबुक पर दोस्ती की। विवाह करने का भरोसा देकर यौन शोषण किया। भरत ने उसे बताया था कि उसकी पत्नी का देहांत हो चुका है जबकि भरत की पत्नी जीवित हैं। इस पर युवती की रिपोर्ट पर भरत के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। उधर, कानून के शिकंजे में फंसे भरत के पिता ने युवती को विश्वास में लिया कि वह राजीनामा कर ले। जेल से छूटने के बाद भरत उसे पत्नी का अधिकार देगा। घर बसाने की चाह में युवती ने राजीनामा कर लिया, लेकिन भरत ने जेल से छूटने के बाद मुह मोड़ लिया।
कोर्ट पहुंची पीडि़त
अधिवक्ता कृष्ण कुमार कुन्हारे के माध्यम से पीडि़त ने 25 जुलाई को जेएमएफसी साक्षी कपूर की अदालत से गुहार लगाई। पीडि़ता ने मानसिक, शारीरिक उत्पीडऩ का आरोप लगाते हुए घरेलू हिंसा का प्रकरण दर्ज करने की प्रार्थना की। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक महिला एवं बाल विकास अधिकारी को जांच के आदेश दिए।
अदालत ने पिता-पुत्र पर दर्ज किया मामला
अधिवक्ता कुन्हारे के अनुसार महिला बाल विकास अधिकारी की जांच में महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपो की पृष्टि हुई हैं। जांच में ये बात भी सामने आई है कि पीडि़ता को दूसरी पत्नी का अधिकार दिए जाने का वादा कर उससे समझौता किया गया। कोर्ट ने पीडि़त को दूसरी पत्नी का अधिकार देते हुए पति भरत सिंह और पति के पिता दिलीप सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
फॉर्म हाऊस बताकर बेच दिया प्लॉट
युवती ने आरोप लगाया कि दिलीप मेरे पास आए और मुझे भारत जहां जामनिया खुर्द के फॉर्म हाऊस ले जाता था वहां रखने की बात कही। इसके बाद दिलीप ने मुझे समंदर सिंह पिता काशीराम नागर से मिलवाया और कहा कि यह फॉर्म हाऊस इनका है। मैं तुम्हें यह दिलवा देता हूं। भरत और तुम यहीं रहना। महिला ने बताया कि उन्होंने मुझसे मेरी अब तक की जमा पूंजी 5 लाख 2 हजार 200 रुपए लिए और रजिस्ट्री भी करवा दी। इसके बाद मैंने भरत से समझौता कर लिया, लेकिन जब भरत जेल से छूटकर आया तो उसके पिता दिलीप और समंदर सिंह बदल गए। मुझे पता चला कि इन्होंने मेरे साथ धोखा किया है, क्योंकि समंदर सिंह भरत के ससुर है। इन्होंने दिलीप के साथ मिलकर मेरे नाम फॉर्म हाऊस की रजिस्ट्री न करते हुए जामनिया खुर्द की एक असिंचित जमीन दे दी जो किसी काम की नहीं। इस जमीन में आने-जाने का रास्ता तक नहीं है। युवती ने डीआईजी से शिकायत की है।