यूं बनते है फर्जी वोटर आईडी और प्रमाण पत्र

आम जनता को अगर वोटर आईडी बनाना हो तो उसके लिए उसे चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कई बार तो आवेदन भी गायब हो जाता है।
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Updated: 9 Apr 2015, 10:02 PM IST
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इंदौर।
आम जनता को अगर वोटर आईडी बनाना हो तो उसके लिए उसे चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कई बार तो आवेदन भी गायब हो जाता है। लेकिन अगर आप किसी दलाल के माध्यम से वोटर आईडी या प्रमाण पत्र बनवाते है तो कुछ ही घंटो में बन जाएगा। इसके लिए पैसा खर्च करना होता है।


अगर कोई व्यक्ति वोटर आईडी के लिए आवेदन देता है तो उसे निर्वाचन कार्यालय में कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। अगर दलाल के माध्यम से गए तो सिर्फ दो कलर फोटो और एक आवेदन भरकर देंगे तो वोटर आईडी कुछ ही घंटो में मिल जाएगा। दलाल सीधे फार्म और फोटो लेकर आपरेटर को देता है। आपरेटर विधानसभा प्रभारी द्वारा दिए गए आर्डर में अपने फार्मों को शामिल कर लेता है। बंडल में फार्म शामिल कर लिए जाते है।


विधानसभा प्रभारी द्वारा जारी 200 फार्म में अपने 10 फार्म शामिल कर वोटर आईडी बना दिए जाते है। प्रभारी को इसकी जानकारी भी नहीं होती है। रिकार्ड भी अपडेट हो जाता है। दस वोटर आईडी की राशि पूरी चेन में बांट ली जाती है। जो वोटर आईडी जारी होते है वे रिकार्ड के अनुसार फर्जी नहीं होते है। पाकिस्तानी व बंगलादेशी नागरिकों को वोटर आईडी मिल जाता है जिसका रिकार्ड भी निर्वाचन में दर्ज होता है।


विधानसभा प्रभारी के पासवर्ड बिना नहीं बनेगा कार्ड


वोटर आईडी बनाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका विधानसभा प्रभारी की होती है। कार्ड बनाने के लिए एक पासवर्ड की जरूरत होती है। पासवर्ड डालने के बाद ही कार्ड बनाए जा सकते है। प्रभारी वेंडर के कर्मचारियों को आईडी बनाने के लिए पासवर्ड से लिंक खोलते है तभी आईडी जनरेट होता है। लेकिन प्रभारी की लापवाही बोले या फिर सांठगांठ उसके चलते फर्जी वोटर आईडी बनते है। पूरी तरह से उसके लिए विधानसभा प्रभारी जिम्मेदार होता है।


नियमानुसार यह होती है प्रक्रिया
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- सबसे पहले निर्वाचन कार्यालय के पास आवेदन देना होता है।


- आवेदन कार्यालय डाटा इंट्री वेंडर के पास भेजता है।


- चेक लिस्ट आवेदन के अनुसार संबंधित विधानसभा प्रभारी के पास जाएगी।


- वेंडर की भेजी लिस्ट को विधानसभा प्रभारी चेक करेंगे।


- विधानसभा प्रभारी वोटर आईडी बनाने के लिए आर्डर देगा।


- आदेश के अनुसार वेंडर वोटर आईडी जनरेट करेगा।


- आदेश के अनुसार आईडी प्रिंट होंगे


- बनाए गए आईडी जिला कार्यालय में जमा होगें


- जिला कार्यालय से संबंधित विधानसभा प्रभारी को जारी होंगे


- विधानसभा प्रभारी मतदान केंद्र वार छांटकर बीएलओ के देते है।


- बीएलओ इसका वितरण करते है।

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