
Indore Metro :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो सुरंग का निर्माण एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा। सुपर कॉरिडोर का एलिवेटेड कॉरिडोर यहीं समाप्त होगा और इसके बाद मेट्रो भूमिगत ट्रैक पर दौड़ेगी। इसी उद्देश्य से एयरपोर्ट स्टेशन पर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) लॉन्च करने के लिए करीब 20 मीटर गहरा शाफ्ट तैयार किया गया है। शाफ्ट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब मशीन के इंदौर पहुंचने का इंतजार है।
मेट्रो निर्माण के अधिकारियों के अनुसार, 'मशीनों ने फैक्टरी में सभी तकनीकी परीक्षण पूरे कर लिए हैं। उसके इंदौर पहुंचने के बाद शाफ्ट में उतारकर असेंबल किया जाएगा। अगर सभी तैयारियां समय पर पूरी रहीं तो अगस्त में सुरंग खोदने का काम शुरू होने की संभावना है। एयरपोर्ट स्टेशन का डिजाइन भी तय कर दिया गया है।'
स्टेशन का निर्माण कट एंड कवर तकनीक से किया जा रहा है। इस पद्धति में पहले जमीन की खुदाई कर भूमिगत स्टेशन तैयार किया जाता है और निर्माण पूरा होने के बाद ऊपर की सतह को दोबारा भरकर सामान्य स्वरूप दे दिया जाता है। इससे भविष्य में यातायात और आसपास की गतिविधियों पर स्थायी असर नहीं पड़ता। स्टेशन का पहला स्तर यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए होगा। दूसरे कॉन्कोर्स लेवल पर ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (एएफसी), यात्री सहायता केंद्र, वेटिंग एरिया, टिकटिंग सुविधाएं तथा सुरक्षा जांच की व्यवस्था रहेगी। तीसरे स्तर पर ह्रश्वलेटफॉर्म बनाया जाएगा, जहां से यात्री मेट्रो ट्रेन में सवार हो सकेंगे।
एयरपोर्ट-स्टेशन एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों कॉरिडोर का जंक्शन भी होगा। इसी कारण यहां दो अलग-अलग रैंप बनाए जा रहे हैं। मेट्रो को भूमिगत ट्रैक पर उतारने के लिए लगभग 170 मीटर लंबा रैंप तैयार होगा, जबकि अंडरग्राउंड हिस्से से एलिवेटेड ट्रैक पर वापस लाने के लिए करीब 180 मीटर लंबा दूसरा रैंप बनाया जाएगा। दोनों रैंप स्टेशन से सीधे जुड़े रहेंगे, जिससे मेट्रो का संचालन बिना किसी रुकावट के एलिवेटेड और भूमिगत हिस्सों के बीच हो सकेगा। एयरपोर्ट स्टेशन और टीबीएम लॉन्चिंग का यह कार्य इंदौर मेट्रो परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण चरणों में माना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ शहर में पहली बार अंडरग्राउंड मेट्रो सुरंग निर्माण की शुरुआत होगी।
स्टेशन 190 मीटर लंबा और 26 मीटर चौड़ा होगा। इसे तीन स्तरों पर विकसित किया जाएगा। फिलहाल शाफ्ट के साथ स्टेशन के लिए खुदाई का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश खुदाई पूरी हो चुकी है और अब अगले चरण के निर्माण की तैयारी की जा रही है।