Fraud in MP : सोशल मीडिया ट्रेंड बना साइबर ठगों का नया हथियार। फिशिंग लिंक से मोबाइल का कंट्रोल लेकर बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। आफ भी रहें सावधान!
Cockroach Party : इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही कॉकरोच पार्टी अब साइबर ठगों का नया हथियार बन गई है। इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर तेजी से वायरल हो रहे इस ट्रेंड का फायदा उठाकर ठग फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथ में पहुंच रहा है और फिर बैंक खाते मिनटों में खाली हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक करीब एक लाख रुपए गंवा बैठा। बताया जा रहा है कि उसके परिचित ने कॉकरोच पार्टी ज्वाइन करें नाम से एक लिंक भेजी थी। युवक ने बिना जांचे लिंक पर क्लिक कर दिया। क्लिक करते ही मोबाइल में रिमोट शेयरिंग एप डाउनलोड हो गई। इसके बाद कुछ ही देर में खाते से रुपए कटने के मैसेज आने लगे। जब तक उसे समझ आता, तब तक बड़ी रकम साफ हो चुकी थी।
इस तरक के कई अन्य मैसेज युवाओं को मिले हैं। हालांकि, अभी तक सिर्फ एक ही मामला रिपोर्ट हुआ है। साइबर विशेषज्ञ प्रोफेसर गौरव रावल के मुताबिक, इन दिनों कॉकरोच पार्टी, कॉकरोच गेम और फ्री रिवॉर्ड जैसे नामों से फर्जी लिंक तेजी से फैलाए जा रहे हैं।
इनका मकसद लोगों की बैंकिंग डिटेल, यूपीआइ जानकारी, ओटीपी और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बनाना है। कई बार लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है, जबकि कुछ मामलों में मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है। ठग लोगों को क्लिक हियर, एक्सक्लूसिव एक्सेस और "फ्री गिफ्ट" जैसे लालच देकर फंसाते हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर गलती से लिंक पर क्लिक हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, बैंकिंग ऐह्रश्वस के पासवर्ड और यूपीआई पिन बदलें। मोबाइल स्कैन करें और बैंक हेल्पलाइन से संपर्क करें। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डॉटएक्सवायजेड, डॉट टीओपी और डॉट बज और डॉट क्लिक जैसे संदिग्ध डोमेन वाली वेबसाइटों से सावधान रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और ओटीपी या यूपीआइ पिन कभी साझा न करें।
जानकारी के अनुसार, लोगों के मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा जा रहा है, जिसमें लिखा होता है कि कॉकरोच नेशनल पार्टी ज्वाइन करें या पार्टी सदस्य बनें। लिंक के साथ आकर्षक संदेश और फर्जी आफर भी दिए जा रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उससे मोबाइल नंबर, ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य निजी डाटा मांगा जाता है। कई मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक होने या बैंक खाते से रकम निकलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।