Gold Import Duty: देश की जनता से पीएम मोदी ने सोने नहीं खरीदने की अपील की है। इसके बाद से इंदैर शहर के ज्वैलर्ष परेशान है....
Gold Import Duty: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साल सोना नहीं खरीदो के आव्हान को दो दिन भी नहीं हुए कि सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी। इससे कीमत में जबरदस्त उछाल आ गया। सरकार का ये फैसला ज्वेलर्स के लिए 440 वोल्ट के झटके के समान है जिससे वे हिल गए।
इसे वे रोजगार पर संकट मान रहे है। इंदौर शहर के कारोबारी सुमित आनंद का कहना है कि सोना आयात महंगा होने से जहां कारोबारियों की लागत बढ़ेगी वहीं इसका बोझ ग्राहकों को उठाना होगा। शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदना अब पहले से ज्यादा खर्चीला होगा। इससे ज्वेलरी सेक्टर ही नहीं, बल्कि वे उद्योग भी प्रभावित होंगे जो सोने का इस्तेमाल करते हैं। यह रोजगार पर असर डालने वाला कदम साबित होगा।
सोना हमारे यहां परंपरा का हिस्सा है। बीते सालों में सोने के आयात में लगातार तेजी देखी गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में गोल्ड इंपोर्ट 24 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे पहले 2024-25 में यह आंकड़ा 58 अरब डॉलर था। भारत, चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड उपभोक्ता माना जाता है। यह ज्यादा प्रभावित होगा। - अनिल कटारिया, व्यवसायी
सोने की कीमतें बढऩे पर ज्वेलरी की मांग में कमी आ सकती है विशेषकर शादी ब्याह के सीजन में। ड्यूटी बढऩे से गोल्ड की स्मगलिंग बढ़ सकती है। कारोबारी पैसा बचाने के लिए बिना बिल में कामकाज को बढ़ावा दे सकते हैं। यदि कस्टमर साल भर खरीदी से दूर रहा तो भविष्य में वह गोल्ड खरीदेगा इसकी संभावना कम हो जाती है। - बसंत सोनी, वरिष्ठ कारोबारी
सोना-चांदी के भावों को लेकर सरकारी स्तर पर दिए जा रहे निर्देश से कारोबारी पशोपेश में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा क्या करें? इससे लाखों परिवारों की आजीविका चलती है वे परेशान होंगे। बेहतर रहेगा सरकार कारोबारियों के लिए भी पहल करें। -अविनाश शास्त्री, व्यवसायी
सोना में जबर्दस्त उछाल आ जाएगा। सोने की इ्पोर्ट ड्यूटी को 6 से 15 फीसदी करने से भाव में 10 फीसदी का एकबारगी तेजी आ जाएगी। कल सोने का भाव 1 लाख 51000 था जो आज 165000 के लगभग खुलेगा। जिन्होंने चार दिन पहले सोना खरीदा उन्हें आज 5 से 10 परसेंट का मुनाफा मिलेगा इतना जबर्दस्त रिटर्न अभी तक किसी भी व्यापार में नहीं मिला है। -अजय लाहोटी, व्यवसायी