
इंदौर. हिंदू देवी देवताओं सहित देश के गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी स्टेंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने जेल से छूटने के बाद उनके इंदौर और प्रयागराज में दर्ज केसों को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शनिवार रात करीब 11.45 बजे जेल प्रशासन द्वारा उन्हें छोड़े जाने से जुड़े प्रश्न पर कहा मुझे देश की न्याय और कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा और मुझे न्याय जरूर मिलेगा। इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं कहा और अपने ससुर और भाई के साथ देर रात ही जूनागढ़ गुजरात चले गए।
मुनव्वर के वकील अजहर वारसी ने फारूकी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शनिवार शाम जेल से नहीं छोडऩे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानाना याचिका दायर करने से इनकार किया है। पत्रिका से चर्चा में उन्होंने कहा प्रयागराज में दर्ज केस में प्रोडक्शन वारंट के बिंदु के चलते जेल प्रशासन ने शाम को नहीं छोड़ा था, लेकिन कोर्ट का आदेश दिखाने के बाद रात करीब ११.४५ बजे को छोड़ दिया गया था। अजहर ने मुनव्वर की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से जेल प्रशासन को किसी तरह का फोन आने की बात से भी इनकार किया है।
50 हजार के मुचलके पर मिला रिहाई आदेश
एडवोकेट अजहर वारसी ने बताया शनिवार को दोपहर करीब 12.30 बजे हम मुनव्वर का रिहाई आदेश लेने के लिए सीजेएम अमन सिंह भूरिया की कोर्ट में उपस्थित हुए थे। दोपहर में करीब 4 बजे 50 हजार के मुचलके पर मुनव्वर को रिहा करने के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद करीब 6.30 बजे हमने जेल प्रशासन के समक्ष रिहाई आदेश दिया, लेकिन उन्होंने छोडऩे से इनकार कर दिया था। उनका कहना था प्रयागराज से जुड़े केस में प्रोडक्शन वारंट पर रोक से जुड़े आदेश हमें नहीं मिले हैं। इस पर उन्हें पूरी याचिका और आदेश समझाया गया। इस इसमें काफी समय लगा और रात करीब 11.45 बजे मुन्नवर को जेल से छोड़ा गया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए वे या उनके परिजन इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे।