4 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अंडरग्राउंड मेट्रो में नहीं होगी घुटन, इंदौर में हाईटेक सिस्टम देगा हवा

Underground Metro Ventilation System: आग लगने जैसी आपात स्थिति में कुछ ही देर में पूरा धुआं होगा बाहर, तापमान और वायु गुणवत्ता भी रहेगा नियंत्रित।
less than 1 minute read
Google source verification
indore

underground metro ventilation system fresh air fire safety, एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर

Indore Underground Metro Ventilation System: मध्यप्रदेश के इंदौर में मेट्रो के भूमिगत हिस्से में यात्रियों की सुरक्षा और आराम को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम स्टेशन और सुरंगों में लगातार ताजी हवा पहुंचाने, तापमान व आर्द्रता को नियंत्रित रखने के साथसाथ आग जैसी आपात स्थिति में जहरीले धुएं को तेजी से बाहर निकालने का काम करेगा। मेट्रो के भूमिगत स्टेशनों पर पर्यावरण नियंत्रण प्रणाली (ईसीएस) लगाई जाएगी, जो प्लेटफॉर्म, कॉन्कोर्स और अन्य क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता बनाए रखेगी। वहीं सुरंगों में टनल वेंटिलेशन सिस्टम (टीवीएस) स्थापित होगा, जो सामान्य संचालन के दौरान हवा के प्रवाह को संतुलित रखेगा और जरूरत पड़ने पर धुएं को सुरक्षित दिशा में बाहर निकालेगा।

ट्रेन बनेगी हवा का पिस्टन

मेट्रो ट्रेन के सुरंग से गुजरने पर वह पिस्टन की तरह काम करेगी। इससे आगे की हवा आगे बढ़ेगी और पीछे से ताजी हवा का प्रवाह होगा। इस प्राकृतिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए बड़े जेट और एक्सियल फैन लगाए जाएंगे जो हवा के दबाव और प्रवाह को नियंत्रित करेंगे।

आपात स्थिति में तुरंत बदलेगा सिस्टम

यदि सुरंग या स्टेशन पर आग लगती है तो वेंटिलेशन सिस्टम तुरंत आपातकालीन मोड में चला जाएगा। इसके बाद पंखे धुएं को यात्रियों से दूर दिशा में भेजेंगे, जिससे निकासी मार्ग धुएं से मुक्त रहेगा और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।

बाहर नहीं पहुंचेगा पंखों का शोर

भूमिगत वेंटिलेशन शाफ्ट में विशेष साउंड एटेन्यूएटर लगाए जाएंगे जिससे बड़े पंखों के संचालन के बावजूद जमीन के ऊपर शोर नहीं पहुंचेगा। इससे आसपास के रहवासी क्षेत्रों पर भी कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार यह हाईटेक वेंटिलेशन सिस्टम भूमिगत मेट्रो में लगातार ताजी हवा, नियंत्रित तापमान और बेहतर वायु गुणवत्ता बनाए रखेगा। इससे यात्रियों को घुटन महसूस नहीं होगी और सफर अधिक सुरक्षित व आरामदायक बनेगा।