
Shivani murder case: शव को कोबरा से डसवाया (प्रतिकात्मक फोटो Photo Source - AI PHOTO)
snake bite:एमपी में इंदौर शहर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में साढ़े छह साल पहले हुए शिवानी हत्याकांड में जिला अदालत ने पति अमितेश उर्फ शालू पटेरिया को पत्नी की सुनियोजित हत्या का दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने और संरक्षित प्रजाति कोबरा सांप की हत्या करने के मामले में भी उसे सजा सुनाने के साथ अर्थदंड से दंडित किया।
अति. लोक अभियोजक चंद्रशेखर चौधरी ने बताया, पुलिस जांच में जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच व अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि विवाह बाद से ही शिवानी को दहेज और रुपयों की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। मामले में पुलिस ने शालू के पिता ओमप्रकाश और एक अन्य महिला को भी आरोपित बनाकर कोर्ट में चालान पेश किया था।
केस की सुनवाई के दौरान महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही कोबरा सांप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पेश की गई थी। उसका पोस्टमार्टम करने वाले चिड़ियाघर के डॉ. उत्तम यादव के बयान भी हुए थे। अभियोजन के मुताबिक घटनास्थल के मुआयने के दौरान पुलिस को बिस्तर, तकिये के कवर और अन्य सामान के साथ ही मरा हुआ कोबरा सांप भी मिला था। हालांकि, शिवानी के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि उसकी मृत्यु मुंह दबाए जाने के कारण दम घुटने से हुई थी।
1 दिसंबर 2019 को संचार नगर एक्सटेंशन निवासी अमितेश उर्फ शालू पटेरिया ने पत्नी शिवानी की तकिये से मुंह दबा हत्या कर दी थी। इसे हादसा साबित करने के लिए वह कोबरा सांप लाया और शिवानी के शव को डसवाया, ताकि पोस्टमार्टम में मौत का कारण सर्पदंश मान लिया जाए।
इस पूरे मामले में एक जांच अधिकारी ने अपने बयान में कोर्ट को बताया कि पूछताछ के दौरान पटेरिया ने कहा था कि उसने राजस्थान के अलवर रेलवे स्टेशन पर एक सपेरे से 5,000 रुपये में कोबरा खरीदा था। शिवानी के मायका पक्ष के गवाहों ने अदालत में अपने बयानों में दम्पति के बीच वैवाहिक तनाव और पारिवारिक मतभेदों का उल्लेख किया था। मतलब आरोपी ने 621 किमी. दूर से कोबरा सांप मंगाया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि पटेरिया ने पत्नी को मारने के बाद कोबरा को भी मार दिया था। अपर लोक अभियोजक चंद्रशेखर चौधरी ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने पटेरिया पर कोर्ट में जुर्म साबित करने के लिए 28 गवाह पेश किए थे, जिनमें पुलिस अधिकारियों के साथ ही पोस्टमॉर्टम बोर्ड के सदस्य और पशु चिकित्सक शामिल थे।
Updated on:
02 Jul 2026 12:01 pm
Published on:
02 Jul 2026 11:35 am
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