
Toll process: एमएलएफएफ सिस्टम की टेस्टिंग शुरू (Photo Source: AI Image)
Indore news: एमपी में इंदौर-महू मार्ग पर टोल वसूली की नई तकनीक मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) सिस्टम की टेस्टिंग की तैयारी शुरू हो गई है। महू की ओर इस सिस्टम से जुड़ी डिवाइस और जरूरी सेटअप लगाए जा चुके हैं, जबकि दूसरी और इसे इंस्टॉल करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके जरिए यह जांचा जाएगा कि बिना टोल प्लाजा पर रुके वाहन से टोल राशि स्वत: कट रही है या नहीं। टेस्टिंग के दौरान तकनीकी खामियों के साथ वाहन चालकों के अनुभव और फीडबैक भी लिए जाएंगे। एमपीआरडीसी के अघिकारियों के अनुसार एमएलएफएफ एक अत्याधुनिक, इंटेलिजेंट और बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम है। निगम आगामी सड़क परियोजनाओं में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रहा है।
इंदौर-उज्जैन छह लेन अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट में इसे शुरुआती तौर पर लागू करने की योजना है। इससे पहले तकनीक को इंदौर-महू रोड पर टेस्ट किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक ठेकेदार कंपनी ने इंदौर-महू मार्ग पर सिस्टम का सेटअप लगाना शुरू कर दिया है। टेस्टिंग के दौरान यह देखा जाएगा कि वाहन की पहचान, फास्टैग से टोल कटने और पूरे ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया में कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं आ रही। सिस्टम के प्रभावी संचालन के बाद इसे अन्य प्रमुख मार्गों पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
एमएलएफएफ सिस्टम में सड़क के ऊपर ओवरहेड गैन्ट्री बनाई जाती है। इस पर हाई रिजॉल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए जाते हैं। वाहन के गैन्ट्री के नीचे से गुजरते ही ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। साथ ही वाहन में लगे फास्टैग की पहचान की जाएगी। इसके बाद निर्धारित टोल राशि संबंधित खाते से स्वत: कट जाएगी। इससे लोगों का समय भी बचेगा।
तकनीक की खासियत यह है कि वाहन को टोल भुगतान के लिए बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा। वाहन चलते हुए ही टोल प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली कतार और समय दोनों कम होने की उम्मीद है। टेस्टिंग के दौरान सिस्टम की सटीकता और वाहन चालकों को होने वाली किसी भी परेशानी को भी जांचा जाएगा।
Updated on:
17 Aug 2026 04:03 pm
Published on:
17 Aug 2026 04:03 pm
