
कस्टम ड्यूटी के नाम पर साइब फ्रॉड (फोटो सोर्स : Chatgpt)
Indore News : साइबर पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद मध्य प्रदेश में साइबर ठगी की जाल फैलता जा रहा है। ताजा मामला इंदौर के भंवरकुआं इलाके के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के कमदपुर निवासी 17 वर्षीय नाबालिग को गोल्ड और आईफोन की कस्टम ड्यूटी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया है। आरोपी ने उसे बताया कि, उसके नाम से गोल्ड और आईफोन आया है और कस्टम ड्यूटी जमा नहीं करने पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
फर्जी आईडी दिखाकर खुद को अधिकारी बताने वाले आरोपी के दबाव में नाबालिग डर के चलते दोस्तों से रुपए उधार लेकर भुगतान करता रहा। 20 से 21 सितंबर के बीच 11 ट्रांजेक्शन में आरोपी ने उससे 2 लाख 25 हजार 700 रुपए ट्रांसफर करा लिए।
मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद जांच में जुटे मानपुर थाना प्रभारी अरुण सोलंकी का कहना है कि, आरोपी ने लगातार संपर्क कर नाबालिग पर भुगतान का दबाव बनाया। नाबालिग के पास इतनी राशि नहीं थी, इसलिए वो दोस्तों से रुपए लेकर आरोपी के बताए माध्यम से भुगतान करता रहा। अलग-अलग 11 ट्रांजेक्शन में राशि चली गई। बाद में ठगी का अहसास होने पर साइबर पुलिस स्टेशन पहुंचकर उसने शिकायत दर्ज कराई।
साइबर पुलिस से ऑनलाइन जीरो एफआईआर मिलने के बाद मानपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल खातों, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की जांच कर रही है। आरोपी कस्टम ड्यूटी, पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पीड़ित को इतना दबाव में रखा गया कि उसने किसी विभाग से स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना रकम देना शुरू कर दिया।
इससे पहले देपालपुर में 12 सितंबर को एक शख्स के बैंक खाते से फोन-पे के जरिए 95 हजार रुपए ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया। दूसरे मामले में 21 सितंबर को गूगल पे के माध्यम से 36 हजार 999 रुपए की ठगी की गई। चंद्रावतीगंज में भी एक शख्स के खाते से 99 हजार 989 रुपए की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज की गई। तीनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इनकी भी जांच जारी है।
इधर, लगातार सामने आ रहे मामलों को लेकर पुलिस का कहना है कि, साइबर ठगी होने या किसी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा सरकारी अधिकारी बनकर दबाव बनाने की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा, संबंधित बैंक को सूचित करना भी जरूरी है। पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर फोन आने पर बिना पुष्टि के राशि ट्रांसफर न करें।
Updated on:
29 Sept 2026 07:47 pm
Published on:
29 Sept 2026 07:47 pm
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