28 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सड़क पर नियम तोड़ते ही कटेगा ई-चालान, इंदौर की सड़कों पर लग रहा एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम

E-Challan : सड़क पर खड़ा ट्रक भी कैमरे की नजर में रहेगा। नियम तोड़ते ही वाहन का ई-चालान कटेगा। NHAI का एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अब हाईवे पर 24 घंटे नजर रखेगा।
2 min read
Google source verification
E-Challan

NHAI का एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम रखेगा नजर (फोटो सोर्स: Chatgpt)

Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर अब सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और अवैध पार्किंग पर नजर रखी जाएगी। एनएचएआइ ने एक प्लान तैयार किया है, जिसमें परिवहन विभाग और लोकल पुलिस को भी शामिल किया गया है। नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्लान (एसओपी) के तहत एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, जीपीएस और ई-चालान को हाईवे निगरानी से जोड़ा जाएगा। उससे हाईवे पर कहां- कहां वाहन खड़ा है, पेट्रोलिंग टीम किस हिस्से में है और नियम तोड़ने वाले वाहन पर क्या कार्रवाई हुई, जिस पर निगरानी तकनीक से हो सकेगी।

इंदौर के लिए ये व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि शहर से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। रात में हाईवे किनारे खड़े ट्रक, ढाबों या अन्य स्थानों के आसपास अनियंत्रित पार्किंग और सड़क के पक्के शोल्डर पर वाहन रोकना यातायात के लिए खतरा बन सकता है। नई व्यवस्था में ऐसे वाहनों पर कार्रवाई का सिस्टम ज्यादा तकनीक आधारित होगा।

ई-चालान की कार्रवाई

एसओपी के तहत एनएच के कैरिजवे और पक्के शोल्डर पर भारी या व्यावसायिक वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। वाहन केवल निर्धारित ले-बाय या सुविधायुक्त स्थानों पर ही रोके जा सकेंगे। नियम तोडऩे पर ई-चालान से कार्रवाई होगी।

पेट्रोलिंग भी होगी ट्रैक

राज्य पुलिस और परिवहन विभाग की हाईवे पेट्रोलिंग टीमें एनएचएआइ की 24 घंटे चलने वाली पेट्रोलिंग के अतिरिक्त होंगी। अधिकतम 50 किमी के अंतराल पर टीम तैनात होगी। पेट्रोलिंग वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य होगा, जिससे जीपीएस से उनकी लोकेशन देखी जा सकेगी।

हादसे रोकने पर फोकस

हाईवे हादसों में 34 लोगों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद राज्यों में हाईवे पर अवैध पार्किंग, सड़क किनारे की गतिविधियों और निगरानी व्यवस्था को लेकर एसओपी तैयार करने की प्रक्रिया तेज हुई है। इंदौर सहित प्रदेश के जिलों में इसका स्थानीय स्तर पर क्रियान्वयन किया जाएगा।

हो चुके हैं कई हादसे

बाईपास पर खड़े ट्रकों के कारण कई हादसे हो चुके हैं। कुछ दिन पहले पूर्व गृहमंत्री की बेटी सहित तीन की मौत हो गई थी। वहीं इससे पहले कार के टकराने से चार युवकों की मौत हो चुकी है। इस तरह से शहर से लगे हुए हिस्सों में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अब देखना यह है कि कितनी राहत इससे मिलती है।

सड़क पर क्या बदलेगा

-हाईवे पर खड़े ट्रकों की निगरानी तकनीक से
-पक्के शोल्डर पर भारी वाहन रोकने पर कार्रवाई
-पेट्रोलिंग टीम की जीपीएस से ट्रैकिंग
-नियम तोड़ने पर ई-चालान
-अधिकतम 50 किमी में एक पेट्रोलिंग टीम