
Heritage Train:अगले सप्ताह से चलेगी हैरिटेज ट्रेन (Photo Source - Patrika)
Indore news: एमपी में मानसून की दस्तक के साथ हेरिटेज पातालपानी-कालाकुंड रेलखंड पर फिर ट्रेन दौड़ाने की तैयारियां तेज हो गई है। बीते दिन विशेष मेंटेनेंस के बाद हेरिटेज ट्रेन के आठ कोच पातालपानी रेलवे स्टेशन पहुंच गए। दो क्रेन की मदद से एक-एक कर सभी कोचों को पटरी पर उतारा गया। अब कोचों की तकनीकी जांच, फिटनेस, सफाई और - साज-सज्जा का काम किया जाएगा। सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा तो अगले सप्ताह से पर्यटक एक बार फिर इस रोमांचक सफर का आनंद ले सकेंगे।
बीते दिन करीब चार बजे स्पेशल ट्रेन से आठों कोच पातालपानी पहुंचे। इनमें दो एसी और छह नॉन-एसी कोच है। रेलवे सूत्रों के अनुसार कोचों को विशेष रखरखाव के लिए बीकानेर भेजा गया था। हेरिटेज ट्रेन के संचालन के बाद पहली बार कोचों को इस तरह विशेष मेंटेनेंस के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
कोचों को पटरी पर उतारने के बाद अब तकनीकी परीक्षण के साथ इन्हें नया रूप देने की तैयारी है। बाहरी हिस्से पर विनाइल या पीवीसी प्रिंट लगाया जाएगा, जिससे ट्रेन पहले से अधिक आकर्षक नजर आएगी। संचालन से पहले ट्रैक की स्थिति, कोचों की फिटनेस और पर्यटक सुविधाओं का भी परीक्षण किया जाएगा।
पातालपानी से कालाकुंड के बीच करीब 9.5 किमी लंबा मीटरगेज रेलखंड पहाड़ियों, घने जंगल और घाटियों से गुजरता है। मार्ग पर चार सुरंगें, 24 तीखे मोड़ और 41 पुल हैं। मानसून में झरनों, हरियाली और बादलों से ढकी घाटियों के बीच ट्रेन का सफर खास आकर्षण रहता है।
कोच पातालपानी पहुंचने के बाद अब ट्रैक और कोचों का अंतिम निरीक्षण होना है। विनाइल प्रिंट, सफाई और अन्य तैयारियां पूरी होने के बाद संचालन की तारीख तय होगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह ट्रेन शुरू होने की संभावना है. हालांकि अंतिम कार्यक्रम रतलाम मंडल की ओर से जारी किया जाएगा।
हेरिटेज ट्रेन की सबसे ज्यादा मांग मानसून में रहती है। पातालपानी जलप्रपात, कालाकुंड की हरियाली और घाटियां बारिश में पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। पिछले वर्ष जुलाई में संचालन शुरू होने के बाद सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे।
पातालपानी-कालाकुंड रेलखंड करीब डेढ़ सदी पुरानी रेलवे विरासत का हिस्सा है। वर्ष 2025 में रेलवे बोर्ड ने करीब 9.5 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड को आधिकारिक रूप से हेरिटेज सेक्शन की सूची में शामिल किया था। अब मानसून में एक बार फिर यह रेलमार्ग पर्यटकों को प्रकृति और इतिहास के अनूठे संगम का अनुभव कराने के लिए तैयार हो रहा है।
Updated on:
18 Aug 2026 10:53 am
Published on:
18 Aug 2026 10:51 am
