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पापा की सोने-चांदी की दुकान पर 17 वर्षीय बेटे की मौत, ब्यावरा में शोक की लहर

Teen electrocuted fathers shop: 12वीं क्लास में पढ़ने वाला संस्कार पिता की ज्वेलरी शॉप पर मदद करता था, बिजली के बोर्ड से करंट लगने से हुई मौत।
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teen boy electrocuted at fathers jewellery shop, मृतक संस्कार सोनी की जीवित अवस्था की तस्वीर (source-patrika)

Rajgarh Teen electrocuted fathers shop: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में रहने वाले एक परिवार के लिए शनिवार का दिन कभी न भूलने वाला दर्द लेकर आया। चूड़ी गली स्थित एक सोने- चांदी की दुकान में बिजली के करंट की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोर संस्कार उर्फ कान्हा पुत्र धर्मेंद्र सोनी की मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पापा की दुकान पर करंट लगने से बेटे की मौत

ब्यावरा शहर के विनायक नगर में रहने वाला संस्कार (कान्हा) सोनी शनिवार दोपहर एक बजे अपने पिता की चूड़ी गली स्थित सोने- चांदी की दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान दुकान में लगे एक बिजली बोर्ड में अचानक करंट प्रवाहित हो गया और संस्कार उसकी चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से वह मौके पर ही बुरी तरह तड़पने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी करंट के झटके लगे। इसके बावजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह बिजली का संपर्क समाप्त कर संस्कार को करंट से अलग किया और तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने से मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में चीख- पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रिश्तेदार, मित्र और परिचित बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। हर किसी की आंखें नम थीं और किसी को भी इस दर्दनाक घटना पर विश्वास नहीं हो रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल भिजवाया। वहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।

पढ़ाई के साथ पिता का हाथ बंटाता था संस्कार

संस्कार सोनी परिवार का होनहार बेटा था। वह पढ़ाई के साथ अपने पिता के व्यवसाय में भी हाथ बंटाता था। परिवार के लोगों के अनुसार वह जिम्मेदार, मेहनती और सरल स्वभाव का किशोर था। कम उम्र में ही उसने परिवार की जिम्मेदारियों को समझना शुरू कर दिया था। उसके पिता की दुकान पर भी हाथ बटाने का काम करता था।

पूरे शहर को रुला गया संस्कार

संस्कार इस साल 12वीं की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई में उसकी विशेष रुचि थी और वह भविष्य में अच्छी नौकरी कर परिवार का नाम रोशन करना चाहता था। उसके शिक्षक और मित्र बताते हैं कि वह हमेशा मुस्कुराते रहने वाला, मिलनसार और सभी का सम्मान करने वाला छात्र था। पोस्ट मार्टम के बाद शव को विनायक नगर स्थित निवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शाम 5 बजे उसका अंतिम संस्कार किया गया। संस्कार की असामयिक मृत्यु से विनायक नगर सहित पूरे शहर में शोक का माहौल है। लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में एक होनहार बेटे का इस तरह दुनिया छोड़ जाना बेहद दुखद है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।