इंदौर. आप खुश, संतुष्ट और सफल तभी हो सकते हैं जब आप जानते हों कि आपके जीवन का उद्देश्य क्या है, आप वही कहते हैं जो आप वास्तव में स्वयं भी मानते हैं और वही करते हैं जो आप कहते हैं।
यह बात आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कही। वे प्रबंधन में पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम (आइपीएम) के ग्यारहवें बैच के शुभारंभ पर विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया लिमिटेड के कंट्री प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर गगनदीप सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। आइपीएम चेयर प्रो. श्रुति तिवारी, डीन प्रोग्राम्स प्रो. सुशांत कुमार मिश्रा और आइआइएम इंदौर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल गुरुराज गोपीनाथ पामिडी (सेवानिवृत्त) इस अवसर पर उपस्थित रहे।
प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि सत्यनिष्ठा (इंटीग्रिटी), उद्देश्य (पर्पस) और अर्थपूर्णता (माइंडफुलनेस) ही हमें जीवन में सफल बनाती है। उन्होंने कहा कि जीवन के उद्देश्य को समझकर विचारों को नियंत्रित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विचारों को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि हमारा दिमाग सोते समय भी उतना ही सोच-विचार करता है जितना जागते समय लेकिन हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हमारे शब्द, विचार और कार्य सामंजस्य में हों। यहीं पर सत्यनिष्ठा महत्व रखती है, आपके द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक काम में अपना शत-प्रतिशत देने की सत्यनिष्ठा और सकारात्मक सोच के साथ अपनी वास्तविक क्षमता का प्रदर्शन करना अति-आवश्यक है।
एेसे ब्रह्मांड की कल्पना करें, जहां चाहते हैं रहना
प्रो. राय ने कहा उस ब्रह्मांड की कल्पना करें, जिसमें आप रहना चाहते हैं। ऐसी दुनिया जो बिना किसी भेदभाव के सभी को समान अवसर दें जो न्याय से परिपूर्ण, हिंसा और उत्पीडऩ से मुक्त हो। आपको उस दुनिया को स्वयं बनाना पड़ेगा। उन्होंने प्रतिभागियों को हर काम के प्रति जुनूनी और संवेदनशील होने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि अपने आप में निवेश करें। किसी के लिए क्रोध या किसी भी बात के लिए अपराध बोध की भावना लेकर न जिएं क्योंकि इससे आप स्वयं के प्रति हिंसक हो रहे हैं।
वीडिो हुआ लॉन्च
इस अवसर पर, प्रो. हिमांशु राय ने टेन इयर्स ऑफ आईपीएम वीडियो भी लॉन्च किया गया, जिसमें 2011 में शुरू हुए इस फ्लैगशिप कार्यक्रम की दशक भर की यात्रा दिखाई गई। कार्यक्रम प्रतिभागियों को विभिन्न छात्रावास और अन्य छात्र मामलों और परिसर में सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।