
इंंदौर. बीट सिस्टम को सुधारने व डॉयल १०० को अधिक उपयोगी बनानेे के लिए रिसर्च कर रही आइआइएम इंदौर की टीम ने शुक्रवार को भंवरकुआं थाने का दौरा किया। डायरेक्टर प्रो. हिमांशु राय के नेतृत्व में पहुंची टीम को अफसरोंं ने की बीट व्यवस्था बताई। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि ५ स्कवेयर किलोमीटर क्षेत्र में फैले थाना क्षेत्र की व्यवस्था के लिए मात्र ६० पुलिसकर्मी का स्टॉफ मौजूद है। गश्त के लिए मात्र एक मोबाइल हैै, सालों पुराना बीट सिस्टम भी अपडेट नहीं है।
शुक्रवार सुबह पहुंची आइआइएम की टीम ने थाने में करीब २ घंटे रहकर दस्तावेज देखे, पुलिसकर्मियों से बात कर उनकी समस्या भी समझी। डायरेक्टर प्रो. हिमांशु राय के साथ प्रो. राजहंस मिश्रा, प्रो. वैजयंथी आनंद, मैनेजर गोर्वमेंट अफेयर नवीनकृष्ण राय को एएसपी राजेश व्यास, टीआइ संतोष दूधी को थाने की कार्यप्रणाली व बीट सिस्टम की जानकारी दी। पीटीसी के निरीक्षक आनंद चौहान भी इस दौरान मौजूद थे।
आइआइएम की टीम ने बीट सिस्टम को समझा, ड्यूटी चार्ट व विलेस क्राइम नोट बुक को देखा। इन्हें बताया गया कि थाने में ६० पुलिसकर्मी तैनात है, इनके जिम्मे ५ स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र है। एक चार पहिया मोबाइल व २ दोपहिया वाहन इनकी सुविधा के लिए है। थाना चार बीटों में बंटा हैै, यह है जानकारी नगर बीट, ट्रांसपोर्ट नगर, पालदा और आइटी पॉर्क। बीट सिस्टम में सालों से दो बुक भरी जाती रही है। एक इनफार्मेेशन व दूसरी आबर्जवेशन। बुक में बीट की पूरी जानकारी दर्ज की जाती थी ताकि नई टीम तैनात हो तो बुक से अपडेट हो जाए। हालांंकि अब यह भी अपडेट नहीं होती है। दिल्ली पुलिस जहां ई बीट बुक पर आ गई है वहीं इंदौर पुलिस बीट बुक पर ही चल रही है वह भी अब अपडेट होना बंद हो गई है।
आइआइएम की टीम बीट सिस्टम व १०० डॉयल को अधिक उपयोगी बनाने के लिए रिसर्च कर रही है जिसके तहत आज पहला फील्ड निरीक्षण था। प्रो. हिमांशु राय के मुताबिक, पुलिस की इंदौर बीट मॉडल तैयार करने के लिए रिसर्च की जा रही है। दौरे में साफ हुआ कि पुलिस के पास व्यक्ति के साथ संसाधन की भी कमी है। टीम अब एक ग्रामीण इलाके के थाने का दौरा करेगी। रिसर्च से पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने का मॉडल बनाने की आइआइएम कोशिश करेगा।