10 के बजाए 25 रुपए करने का प्रस्ताव भेजा एमआईसी को
इंदौर.
नगर निगम चिडिय़ाघर के टिकटों की दर बढ़ाने की तैयारी कर रही है। चिडिय़ाघर में टिकट की दर 10 के बजाए 25 रुपए करने की तैयारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव चिडिय़ाघर की ओर से एमआईसी को स्वीकृती के लिए भेज भी दिया गया है।
चिडिय़ाघर के विस्तार के साथ ही इसके खर्चे भी लगातार बढ़े हैं, वहीं केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण के द्वारा सभी चिडिय़ाघरों को स्वावलंबी बनने के लिए कहा गया है, साथ ही उन्हें आर्थिक मदद देना भी बंद कर दी गई है। जिसके चलते चिडिय़ाघर को अपना खर्चा खुद निकालना होगा। इसके तहत इंदौर चिडिय़ाघर को मिलने वाले सालाना एक करोड़ रुपए भी बंद कर दिए गए थे। जिसके कारण इसके मेंटेनेंस का पूरा खर्चा नगर निगम पर आ गया है। चिडिय़ाघर में पिछले कुछ सालों में दर्शकों की संख्या जरूर बढ़ी है जिसके कारण चिडिय़ाघर की आय भी सालाना डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, लेकिन चिडिय़ाघर में जानवरों के पैदा होने और नए जानवरों के आने के कारण उनकी संख्या भी बढ़ी है। जिसके चलते चिडिय़ाघर का खर्चा भी पहले से डेढ़ गुना हो चुका है। यही नहीं यहां पर लगातार नए पिंजरों का निर्माण और चिडिय़ाघर को सुदंर बनाने के लिए विकास काम किए जा रहे हैं, साथ ही यहां के स्टॉफ की संख्या में भी बढोत्तरी निगम को करना पड़ी है।जिसके कारण इसका खर्चा लगभग तीन करोड़ रुपए से भी ज्यादा पहुंच चुका है। ऐसे में चिडियाघर के मेंटेनेंस के लिए इसके टिकट की दर को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। चिडिय़ाघर प्रबंधन की ओर से प्रस्ताव एमआईसी को भेजा गया है, वहां से इस पर फैसला होने के बाद दरें बढ़ाई जाएंगी।
आय बढऩे की उम्मीद
नगर निगम को उम्मीद है कि चिडिय़ाघर के टिकट की दर बढऩे के बाद यहां से आय भी ढ़ाई गुना से ज्यादा हो जाएगी। निगम को लगभग पांच करोड़ रुपए तक आय होने की उम्मीद है। आय बढऩे के साथ ही यहां पर विकास के जो काम आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पा रहे हैं उनमें तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
0 चिडिय़ाघर के खर्चे बढ़े हैं, इसके चलते हमने प्रस्ताव भेजा जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय महापौर और एमआईसी को लेना हैंं, उनके निर्णय के हिसाब से ही टिकट दर बढ़ पाएगी।
- डॉ. उत्तम यादव, प्रभारी, इंदौर चिडिय़ाघर