स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के तहत देश के स्वच्छ शहरों की घोषणा, इंदौर ने चौथी बार मारी बाजी...।
इंदौर। एक बार फिर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा शहर इंदौर स्वच्छता में नंबर वन बन गया है। इसे देश में पहली रैंकिंग मिली है। इंदौर ने लगातार चौथी बार देश में पहला स्थान बनाया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत इंदौर के महापौर और नगर निगम कमिश्नर ने भी शहवासियों को बधाई दी है। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंदौर ने अभी चौका लगाया है, इंदौर सिक्सर भी लगाएगा।
देश के टॉप स्वच्छ शहरों की लिस्ट जारी हो गई है। 2016 में हुए सबसे पहले सर्वेक्षण में भी देश में सबसे स्वच्छ शहरों में इंदौर शामिल हुआ था। उसके बाद से लगातार चौथी बार इंदौर इस स्थान पर बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वर्चुअल स्वच्छता महोत्सव समारोह में इन पुरस्कारों की घोषणा की।
गुजरात का सूरत नंबर-2
गुजरात का सूरत नंबर 2 और महाराष्ट्र का नवी मुंबई तीसरे नंबर पर रहा। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने इसका ऐलान किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ महोत्सव कार्यक्रम के तहत उन लोगों से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बात की, जिन्होंने स्वच्छ भारत अभियान में अहम भूमिका निभाई।
स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग अपशिष्ट संग्रहण और परिवहन, प्रसंस्करण एवं निष्पादन, संवहनीय स्वच्छता और नागरिकों की सहभागिता और नवाचार आदि प्रमुख घटकों के आधार पर जारी की जाती है। इन घटकों में कुल 6 हजार अंकों के आधार पर भारत सरकार की तरफ से अधिकृत स्वतंत्रत संस्था और मैदानी मूल्यांकन के अलावा जनता के फीडबैक के आधार पर अंतिम रिजल्ट घोषित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री बोले इंदौर ने बढ़ाया मान :-:
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के नंबर वन बनने पर कहा है कि इंदौर ने देश व प्रदेश का मान बढ़ाया है। इसे लगातार चौतीबार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला है। इंदौर ने देश के 4242 शहरों को पीछे छोड़ इतिहास रच दिया।
देश में मिसाल बना इंदौर :-:
इंदौर शहर के चौथीबार अव्वल बनने की कहानी पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गई है। स्वच्छता के लिए नगर निगम के सफाईकर्मचारी, अधिकारियों ने मिलकर कोरोना संकट की भी परवाह नहीं की और अपने शहर को स्वच्छ करने में जुटे रहे। मार्च माह में लॉकडाउन लागू होने से जून में अनलाक 1 तक इंदौर शहर में लगातार सड़कों की सफाई होती रही। रात में भी प्रमुख सड़कों को रोज धुलाई होती रही, घर-घर से कचरा लिया जाता रहा और सड़क किनारे लगे लिटरबिन भी खंगाले गए। यहां तक कि आधी रात को भी इंदौर शहर में सफाई अभियान चलता रहा।