एमजी रोड इलाके का मामला, करीब 65 लाख रुपए की ठगी कर भागा था
इंदौर. एमजी रोड पुलिस ने कपड़ा व्यापारियों से ठगी कर भागे आरोपित को जोधपुर से पकड़ा है। उसने व्यापारियों को जो आईडी कार्ड दिए थे उसमें जयपुर का पता था। पुलिस ने उसकी दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी निकाली जिसके बाद आरोपित हाथ लगा। एमजी रोड पुलिस ने रेडिमेड व्यापारी आशीष जैन की रिपोर्ट पर पंकज कुमावत निवासी जयपुर के खिलाफ अमानत में ख्यानत का केस दर्ज किया था। आशीष के अलावा भी करीब १० व्यापारियों से पंकज ने ठगी की थी।
पंकज ने पहले सभी से व्यापार कर समय पर उन्हें पेमेंट दिया। इस तरह व्यापारियों को उस पर भरोसा हो गया। कई व्यापारियों से कपड़े व कुछ से नकदी रुपए उसने उधार लिए। इसके बदले में उसने चेक दिए थे। व्यापारियों ने पेमेंट के लिए जब बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। पंकज से पेमेंट के लिए संपर्क करने पर पहले वह बहाने बनाता रहा। बाद में दुकान खाली कर भाग निकला था। व्यापारी पहले उसकी तलाश करते रहे। बाद में पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पंकज के दो कर्मचारियों का पता चला। वे जोधपुर में रहते थे। कॉल डिटेल से पुलिस उन तक पहुंची। कर्मचारियों ने बताया कि पंकज भी जोधपुर में रहता है। इसी के बाद पुलिस उन्हें लेकर अलसुबह ही घर पहुंच गई। परिवार ने दरवाजा खोला तो पुलिस अंदर आ गई।
नींद में से पंकज को उठाकर पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके पास से करीब 20 लाख रुपए के कपड़े मिले है। पुलिस से बचने के उसने अपना घर भी बदल लिया था। पंकज को लेकर एमजी रोड पुलिस गुरूवार को इंदौर पहुंची। पंकज का कहना है कि व्यापार में घाटा होने पर वह भाग गया था। सूरत में भी उस पर ठगी का केस दर्ज है। वहां पर उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।