लसूडिय़ा इलाके का मामला, क्राइम ब्रांच ने मारा था छापा
इंदौर. शेयर बाजार में कई गुना मुनाफे का झांसा देकर राजस्थान सचिवालय के एएसओ से कंपनी ने रुपए ऐंठ लिए। पहले मुनाफा करने के बाद पैसा लिया जाता रहा। बाद में कंपनी के लोगो ने फोन पर बात करना बंद कर दिया। क्राइम ब्रांच ने गड़बड़ी के चलते कंपनी पर छापा मारा था।
लसूडिय़ा पुलिस ने नरेंद्र पारिख निवासी जयपुर की रिपोर्ट पर वेल्थमैक्स साल्यूशन कंपनी के मनीष कुमावत, योगेश व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। नरेंद्र राजस्थान सचिवालय में एएसओ है। उन्होंने पत्नी सुनीता के नाम से डीमेट खाता खुलवाया। कंपनी के शुभम राजपूत ने फोन पर संपर्क कर बताया कि उनकी कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड है। अगर उनकी कंपनी में वे 1.50 लाख रुपए निवेश करते है तो तीन-चार महीने में उसके बदले में 7.50 लाख रुपए का मुनाफा होगा। उसकी बातों में आकर नरेंद्र ने पैसा दे दिया। पहले तो कंपनी के कुछ मुनाफा उन्हें दिया। बाद में अलग-अलग नाम से रुपए लिए जाते रहे। इस तरह करीब साढ़े चार लाख रुपए कंपनी ने ले लिए। इसके बाद भी रुपए की मांग बंद नहीं हुई। बाद में कंपनी के लोगो ने मुनाफे का झांसा देकर डीमेट खाते की आईडी व पासवर्ड भी ले लिया।
फरियादी को जब मुनाफा नहीं हुआ तो उन्होंने कंपनी पर संपर्क किया। पहले कंपनी के लोग टालमटोली करने लगे। बाद में रुपए देने से इनकार किया। उन्होंने फोन पर बात करते समय यह तक धमकी दी कि पुलिस व सेबी को बीस हजार रुपए महीना देते है। उनके खिलाफ शिकायत करने पर कुछ नहीं होगा। बाद में तो उनका फोन उठाना भी बंद कर दिया। इंदौर आने पर फरियादी ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि कंपनी मालिक पीयूष जैन है। उसकी कंपनी पर पहले भी दो बार छापा पड़ चुका है। फरियादी की शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने कुछ दिन पहले कंपनी पर छापा मारा था। जांच के बाद कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।