Indore Fire Tragedy: लापरवाही,अनदेखी...या मानवता का अनादर? घटना वाले दिन कैसे चूके...? अलग-अलग विभागों के कई अफसर कर चुके दौरा
Indore Fire Tragedy: इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स मेंं कारोबारी मनोज पुगलिया के यहां मंगलवार को तिलक नगर थाना पुलिस जांच के लिए पहुंची। परिवार के सदस्य जब जरूरी सामान लेने जले हुए घर में गए, तो उन्हें बदबू आई। बदबू डिकंपोज शव की लग रही थी। परिजन की सूचना पर पुलिस पहुंची और घटनास्थल से शव के अवशेष को उठाया। अब तक की जांच में पुलिस मान रही है कि जो अवशेष मिला है, वो 8 वर्षीय तनय का हो सकता है। हादसे के बाद उसके शरीर का कुछ ही हिस्सा पुलिस को मिला था।
18 मार्च को तड़के पुगलिया के मकान में आग लगी थी। घर के बाहर खड़ी ईवी कार, पोर्च में कई दोपहिया वाहन और घर का अधिकांश हिस्सा जल गया था। उनके बड़े बेटे सौरभ सहित चार सदस्य जान बचाने में सफल रहे थे, वहीं मनोज, उनकी बहू सिमरन, साले विजय, उनकी पत्नी सुमन, बेटी रुचिका जैन, कार्तिक, राशि, तनय की जान चली गई थी।
घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद कई बार फायर सेफ्टी, एमपीईबी, ईवी कार विशेषज्ञ व अन्य विभाग के अधिकारी वहां जांच को पहुंचे, लेकिन किसी को तनय के शव का अवशेष नहीं दिखा। पुलिस ने जांच के लिए घटनास्थल सील कर दिया था।
पुगलिया परिवार के सदस्य जरूरी सामान लेने मंगलवार को घर में गए, तब बदबू आने की शिकायत पुलिस को की। हेड कांस्टेबल ने जांच की तो वहां शव का अवशेष मिला।
टीआइ मनीष लोधा ने बताया कि परिवार के सदस्य घटनास्थल पर वाशिंग मशीन, कपड़े व अन्य जरूरी सामान लेने पहुंचे तो बदबू आई। मौके से टीम ने तनय के शरीर के अवशेष को निगमकर्मी की मदद से उठाकर दफनाया। जिस स्थान पर सिलेंडर फटा था, वहीं अवशेष मिला।
जोन-2 डीसीपी कुमार प्रतीक का कहना है कि अवशेष पैर का हिस्सा लग रहा है। इतने दिन में अवशेष डिकंपोज हो गया। खाना भी सड़ गया। इस वजह से घर में बदबू आ रही है। घर में काफी पानी भरा है। मलबा भी पड़ा है। घटना की जांच में परिवार के सदस्यों से थाना पुलिस ने सपर्क किया, उनके बयान नहीं हो सके।