
Indore Fire Tragedy Update: इंदौर की बृजेश्वरी एनएक्स में दो मंजिला मकान में लगी एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत के मामले में एक सप्ताह बाद भी आग लगने की मुख्य वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस और अन्य एजेंसियों की जांच जारी है, जबकि घर अभी भी सील है।
तिलक नगर पुलिस घटना के दौरान मौके पर पहुंचे विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बयान ले रही है। अब तक कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। रेस्क्यू दल के सदस्यों ने बयान में बताया कि मौके पर पहुंचने पर घर के बाहर खड़ी ईवी कार जल रही थी और उसका चार्जिंग केबल बिजली बोर्ड से जुड़ा था, जिसे काटा गया है।
18 मार्च की तड़के पुगलिया परिवार के घर में आग लगी थी, जिसमें मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय सेठिया, उनकी पत्नी सुमन, बेटी रूचिका और बच्चे कार्तिक, राशि व तनय की मौत हो गई थी। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में छह की मौत जलने और दो की झुलसने से मौत होना सामने आया था।
पुलिस के अनुसार अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों के बयान हुए हैं, जिनमें कॉलोनी के रहवासी और एसडीईआरएफ टीम के सदस्य शामिल हैं। जोन-2 एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया, सामने आए तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है और अन्य कर्मचारियों के बयान भी लिए जाएंगे।
पुलिस ने इंदौर की घटना से पहले के कुछ वीडियो फुटेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में ईवी कार से आग फैलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। घर में लगे जले डीवीआर को साइबर लैब भेजा है, जहां से फुटेज रिकवर किए जाएंगे। इसके अलावा चार सैंपल सागर लैब भेजे हैं।
पुलिस के अनुसार मकान को जांच के लिए सील किया है। विभिन्न विभागों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन निगम की टीम का निरीक्षण बाकी है। निगम की जांच के बाद ही मकान की सील हटाई जाएगी।गौरतलब है कि घटना के समय परिवार के बड़े बेटे ने ईवी कार की चार्जिंग से आग लगने की बात से इनकार करते हुए बिजली पोल से आग फैलने की आशंका जताई थी। साथ ही फायर ब्रिगेड की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे।