Indore Fire Tragedy: इंदौर अग्निकांड में अब बड़ा मोड़, EV चार्जिंग से नहीं, बिजली के पोल से भड़की आग, सीएम मिलने पहुंचे तो परिवार के बड़े बेटे ने किया बड़ा खुलासा, फायर ब्रिगेड पर लगाए गंभीर आरोप
Indore Fire Tragedy: मध्यप्रदेश समेत देशभर को झकझोर देने वाले इंदौर अग्नि कांड में अब नया मोड़ सामने आया है। जिस हादसे को अब तक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग से जोड़कर देखा जा रहा था, असल में उस भयावह हादसे के नये खुलासे ने हर किसी को चौंका दिया है। मृतकों के परिवार से जुड़े पुगल्या परिवार के बड़े बेटे ने दावा किया है कि, घटना के समय EV कार चार्जिंग पर नहीं लगी थी। बल्कि आग की शुरुआत घर के बाहर लगे इलेक्ट्रिक पोल से हुई थी। परिवार के सदस्य ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान यह खुलासा किया है।
बता दें की आज गुरुवार को सीएम मोहन यादव पीड़ित परिवार से मिलने इंदौर पहुंचे थे। इस दौरान परिवार के बड़े बेटे से हुई चर्चा में बेटे ने यह दावा किया है कि घर-परिवार की बर्बादी की यह तस्वीर बिजली पोल और फायर ब्रिगेड की गंभीर लापरवाही का नतीजा है।
परिवार के इस दावे के बाद पूरे मामले की दिशा फिर बदल दी है। अब तक जहां EV चार्जिंग को हादसे की वजह माना जा रहा था, वहीं इस नये दावे ने के बाद बिजली व्यवस्था और मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही नहीं परिवार ने फायरब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के समय फायर ब्रिगेड देर से पहुंची। फायर ब्रिगेड की देरी से आग विकराल रूप लेते हुए यमदूत बनकर परिवार को कभी न मिटने वाला जख्म दे गई।
परिवार ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड देर से पहुंची तो पहुंची, लेकिन इस पर भी टैंकर चालकों की नशे की हालत ने उनसे उनकी खुशियां छीन लीं। परिवार का कहना है कि टैंकर चालक जो मौके पर पहुंचे थे नशे में थे जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता, तो शायद इतनी बड़ी जनहानि को टाला जा सकता था। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जांच के आदेश दिए गए हैं। अब यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर इंदौर अग्नि कांड की असली वजह क्या थी... EV चार्जिंग, बिजली का पोल, तकनीकी खामी या फिर कुछ और...? फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि परिवार के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह महज एक दिल दहला देने वाला हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की त्रासदी बन सकता है।