इंदौर

मेट्रो की तर्ज पर चलेगी आई बस, नहीं लेना पड़ेगा टिकट

वर्ल्ड बैंक ने इंदौर को बताया सबसे बेहतर, 6 सदस्यीय टीम ने की बीआरटीएस की समीक्षा

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Aug 13, 2017
i bus
मेट्रो की तर्ज पर स्लैब बैरियर

इंदौर. इंदौर शहर के बीआरटीएस और आई बस सेवा देश भर में तो फेमस थी ही पर अब इसका डंका दुनिया में भी बज चुका है। वर्ल्ड बैंक ने खुद यहां आकर आई बस में सफर किया और माना की वाकैय यह बहुत अच्छी सेवा है। असल में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना के तहत चल रहे बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए शनिवार को वर्ल्ड बैंक की टीम इंदौर पहुंची। टीम ने करीब 8 घंटे तक सिस्टम की समीक्षा कर इंदौर बीआरटीएस को देश का सबसे बेहतर बीआरटीएस बताया। बीआरटीएस का संचालन कर रही कंपनी एआईसीटीएसएल के सीईओ संदीप सोनी ने बताया जस्ट-100 योजना के तहत प्रोजेक्ट मैनेजर नुपूर गुप्ता, अमरीका से आए वल्र्ड बैंक के प्रतिनिधि मिस्टर हेरॉल्ड समेत 4 सदस्यों की टीम ने पूरे सिस्टम का बारीकी से अध्ययन किया।

सफर के लिए टिकट नहीं लेना पड़ेगा

बीआरटीएस को तीन महीने में और बेहतर करने के लिए सबसे पहले ई-कार्ड शुरू होगा। इसमें किसी भी यात्री को आई-बस, सिटी या मिडी बस में सफर के लिए टिकट नहीं लेना पड़ेगा। ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमसी) के तहत 12 फीट चौड़ी और 15 लंबी वीडियो वॉल बनाई जाएगी। इसमें शहर में चल रही हर बस की स्थिति, स्पीड, ड्राइवर, यात्री सहित अन्य जानकारी मिल सकेगी।


मेट्रो की तर्ज पर स्लैब बैरियर, स्मार्ट कार्ड, ई टिकट
अब इंदौर के मैट्रो स्टेशन की घोषणा के बाद आई बसों में भी नई सुविधाएं जोडऩे का प्लान बन रहा है। अभी तक लोग रोज टिकट लेने टिकट खिडक़ी पर पहुंचते थे अब बस कार्ड से सुविधा हो जाएगी। इन नई सुविधाओं में दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर स्लैब बैरियर, स्मार्ट कार्ड, ई टिकटिंग खास रहेगी। आई-बस, सिटी और मिडी बसों में किराए का भुगतान स्मार्ट कार्ड से होगा। बीआरटीएस के पब्लिक इंफार्मेशन सिस्टम को उन्नत कर बसों में ऑटोमैटिक फेयर सिस्टम लागू होगा। मेट्रो की तर्ज पर कार्ड स्वैप से बस में प्रवेश मिलेगा। मोबाइल एप से ई-पास जनरेट होगा, जिसमें क्यूआर कोड के जरिए टिकट देखा जाएगा। इसमें एटीएम से बैलेंस डाल सकेंगे।

Published on:
13 Aug 2017 11:27 am