दुर्घटना, मौत, जाम के लिए बदनाम इंदौर-खण्डवा रोड पर तस्वीर बदल गई है। सिमरोल से सनावद के बीच सड़क इतनी बेहतर कर दी गई है कि एक भी गड्ढा नजर नहीं आता है। भेरूघाट, बाइघाट सहित अन्य घाट पर क्रैश बेरियर, कॉन्वेक्स मिरर लगाए गए हैं। महू एसडीएम के निर्देशन में एनएचएआइ द्वारा निर्माण कार्य किया गया है। इस सुधार के बाद हादसों पर लगाम लगी है। वहीं लंबे जाम से निजात भी मिल गई है।
डॉ. आंबेडकर नगर (महू).
बता दे कि इंदौर-इच्छापुर मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है, जिसके चलते मौजूद सड़क जर्जर हो चुकी थी। खण्डवा-बड़वाह के बीच लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद फरवरी माह में एसडीएम अक्षत जैन, एनएचएआइ के इंजीनियर, आरटीओए निर्माण एजेंसी और सिमरोल थाना प्रभारी भेरूघाट, चोरल घाट और बाइघाट का निरीक्षण किया था। इस दौरान एसडीएम ने 17 स्पॉट तय किए थे, जहां पर सड़क दुर्घटनाएं सबसे ज्यादा हो रही थीं। इसके बाद 6 फरवरी को एसडीएम जैन ने सड़क आपदा न्यूनीकरण प्रोजेक्ट तैयार किया था। प्रोजेक्ट के तहत 17 स्पॉट पर थ्राई-बीम क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप, आपदा मार्कर, कॉन्वेक्स मिरर लगाने काम शुरू हुआ था। यह प्रोजेक्ट अब पूरा कर लिया गया है।
नहीं लगता लंबा जाम
सिमरोल से बड़वाह के बीच पूरी सड़क का पेंचवर्क हो गया है। जिसके कारण यहां अब एक भी गड्ढा नहीं है। यहीं कारण है कि अब लंबा जाम भी नहीं लगता है। घाट सेक्शन में अंधे मोड़ पर कॉन्वेक्स मिरर लगाएं जा चुके हैं। जिससे दूसरी ओर से आने वाला वाहन पहले ही दिख जाता है। जहां पर खाई है, वहां क्रैश बेरियर लगाए हैं ताकि वाहन खाई में न गिरे। हालांकि कुछ जगहों पर यह क्रैश बैरियर टूट भी चुके हैं। वहीं पुलिया निर्माण का काम भी अधूरा ही छोड़ दिया गया है।
10 महीने में 12 मौत
पिछले 10 माह में इस मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हुई हैं। जिसमें सैकड़ों वाहन चालक और बस सवारी घायल हुई है। वहीं दर्जनभर से अधिक मौत हो चुकी है। 23 जून 2022 को चोरल में रात को स्काई बस डंफर में जा भिड़ी। जिसमें कुछ यात्रियों को हल्की चोट आई थी। 22 जून को जिस बाइघाट के पहले ही पुलिया से बस खाई में गई, जिसमें 6 यात्रियों की मौत हो गई। 25 जून 2022 को कसरावद से इंदौर आ रही मालवीय ट्रेवल्स की बस बाइग्राम के पास ओवरटेक करते हुए अनियंत्रित हो गई और रेलिंग तोड़ते हुए पलट गई। हादसे में तीन यात्रियों को मामूली चोट आई। 1 जुलाई 2022 को सिमरोल के आगे घाट सेक्शन में दो ट्रकों की आपस भिड़ंत हो गई। जिसमें ड्राइवर-क्लीनर जिंदा जल गए थे। 5 मार्च को दो यात्रियों की मौत हो गई थी। 21 फरवरी को बस से गिरने से एक युवक की मौत हुई। 28 जनवरी को आशसर पटलने से एक महिला की मौत हो गई थी।