इंदौर मेट्रो की तैयारी, इधर सुपर कॉरिडोर स्टेशन 2 तो उधर स्टेशन 4 से मिलेगी मेट्रो
जानें, क्या है अपने मेट्रो स्टेशन की स्थिति: दिसंबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित, लेकिन कई काम अधूरे
दिसंबर 2024 में गांधी नगर से करीब 5.8 किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो ट्रेन के कमर्शियल रन की तैयारी है। इस हिस्से में यात्री मेट्रो में सफर कर सकेंगे। 6 स्टेशन पर मेट्रो चलाने का लक्ष्य है, लेकिन कई काम अधूरे हैं। हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए संकेतक लगाए हैं, जिनके जरिए उन्हें मेट्रो स्टेशन 2 और 4 पर किस तरह मेट्रो मिलेगी, इसकी जानकारी दी जा रही है।
टीसीएस चौराहे के पास मेट्रो स्टेशन नं. 3 में तेजी से काम चल रहा है। प्रवेश गेट पर एस्कलेटर के साथ सीढि़यां तैयार हो गईं हैं। दूसरी ओर काम जारी है। यहां सीढि़यों और एस्कलेटर का काम अधूरा है। स्टेशन पर लिफ्ट लग गई है, लेकिन ट्रायल नहीं हुआ है। बिजली के हाई वोल्टेज प्रभाव के साथ मेट्रो का ट्रायल हो चुका है। इस क्षेत्र को आम लोगोंं की पहुंच से दूर रखा जा रहा है। मेट्रो की पटरी डालने का काम सुपर कॉरिडोर ब्रिज तक हो गया है। अब ब्रिज के दूसरी ओर की पटरी डाल रहे हैं। मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन के अधिकारियों का दावा है कि प्रस्तावित हिस्से में छह स्टेशन हैं, जिनके मुख्य काम अंतिम दौर में हैं। स्टेशन की प्रथम मंजिल पर टिकट काउंटर, एटीएम, वाटर टैंक आदि रहेगा। प्लेटफॉर्म बनाकर संकेतक लगा दिए हैं। मेट्रो संचालन के लिए स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कुछ स्टाफ आउट सोर्स रहेगा।
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मेट्रो से निकलने पर रहेगा इन्सुलेशन जोन
मेट्रो ट्रेन हाई वोल्टेज बिजली से चलेगी। इसके लिए पटरी के पास थर्ड रेल बिछाई गई है। मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो के यात्रियों पर अर्थिंग का प्रभाव होने की आशंका रहती है। ट्रेन से बाहर आने पर अर्थिंग से झटका लग सकता है। इससे बचाव के लिए मेट्रो ट्रेन के गेट की फ्लोरिंग में इन्सुलेशन जोन बनाया जा रहा है। यात्री जैसे ही इन्सुलेशन फ्लोरिंग में कदम रखेगा तो अर्थिंग का प्रभाव खत्म हो जाएगा। निदेशक शोभित टंडन ने गेट पर इन्सुलेशन जोन बनाने की पुष्टि की है।