
इंदौर. स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 को लेकर तैयारी में नगर निगम जुटा हुआ है। इसके चलते जहां सफाई कार्य में जुटे निगम के अफसरों ने मैदान पकड़ लिया है। वहीं महापौर ने भाजपा पार्षदों को भी जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके लिए उन्होंने कल भाजपा के सभी पार्षदों की वर्चुअल बैठक लेकर अपने-अपने वार्ड में सफाई कार्य के साथ कचरा प्रबंधन पर नजर रखने का कहा है, क्योंकि सर्वेक्षण को लेकर दिल्ली से टीम अब कभी भी आ सकती है। इसके लिए निगम ने सफाई कार्य को लेकर ट्रायल शुरू कर दिया है।
इंदौर नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार 6 बार से नंबर वन आ रहा है। इस बार स्वच्छता में सातवां आसमान छूने की तैयारी है। इसके लिए निगम स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सफाई मित्र से लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, स्वास्थ्य समिति प्रभारी अश्विनी शुक्ल, निगमायुक्त हर्षिका सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन, अन्य अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन नियंत्रणकर्ता अधिकारी, जोनल अफसर, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआइ और दरोगा आदि शहर को साफ रखने सहित सुंदर बनाने में लगे हुए है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर मुख्य टीम दो-तीन दिन में आने वाली है। इसके लिए शहर में जहां सर्वेक्षण को लेकर मैदानी स्तर पर सारी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया जा रहा है, वहीं सफाई और कचरा प्रबंधन कार्य को लेकर ट्रायल भी शुरू हो गया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भाजपा पार्षदों को सुबह और शाम को वार्ड में घूमकर सफाई कार्य देखने का कहा है। साथ ही जनता से अपील की है कि सर्वेक्षण के चलते अपनी कॉलोनी-मोहल्लों में गंदगी न होने दें। फीडबैक के दौरान निगम के सफाई को लेकर किए गए कार्यों को बताएं। बताया जाता है कि सर्वेक्षण को लेकर महापौर भार्गव कांग्रेस पार्षदों से भी बात करेंगे ताकि जनता और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इंदौर इस बार स्वच्छता में सातवां आसमान छू सकें।
सर्वेक्षण टीम कभी भी आ सकती है
इधर, सर्वेक्षण को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर के 85 वार्डों में से 64 पर काबिज भाजपा के पार्षदों की वर्चुअल बैठक कल ली। इस दौरान भाजपा के सभी पार्षदों को महापौर भार्गव ने बताया कि सर्वेक्षण टीम कभी भी आ सकती है। इसके लिए सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड में सफाई कार्य, सौंदर्यीकरण और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। इस दौरान अगर कहीं कोई कमीबेशी नजर आए तो तत्काल संबंधित अफसर को बताकर दूर कराएं। सर्वेक्षण टीम को सर्वे करने के दौरान अव्यवस्था नजर नहीं आए।