
Indore Waste Water (इंदौर को मिलेगी गंदे पानी से निजात Photo Source- Patrika)
Indore News : देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर की कई बस्तियों में ड्रेनेज की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त और जर्जर हो गई हैं, जिससे कई बार ड्रेनेज का गंदा और बदबूदार पानी नर्मदा में मिलकर नलों में आ जाता है। कुछ दिनों पहले भागीरथपुरा इलाका जिसका सबसे बड़े उदाहरण के रूप में सामने आ चुका है। हादसे के बाद नगर निगम अब शहर की 40 बस्तियों में 30 साल पुरानी ड्रेनेज की पाइप लाइन बदलने जा रहा है। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जा रही है।
इस परियोजना के क्रियानव्यन के लिए निगम को अर्बन चैलेंज फंड से 302 करोड़ रुपए मिलेंगे, जिसकी सैद्धांतिक स्वीकृति भारत सरकार ने दे दी है। अब डीपीआर बनते ही मंजूरी के लिए राज्य शासन को भेजी जा रही है। इंदौर में ड्रेनेज और जल प्रदाय के कामों को लेकर निगम ने 1214.54 करोड़ रुपए की परियोजना बनाई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के विजन-2047 और शहर में बढ़ने वाली जनसंख्या को ध्यान में रखकर ये परियोजना बनी है।
भारत सरकार द्वारा आयोजित अर्बन चैलेंज फंड की एपेक्स कमेटी की बैठक में इंदौर नगर निगम द्वारा प्रस्तुत जल प्रदाय एवं ड्रेनेज परियोजना का विस्तृत परीक्षण किया गया। कमेटी ने निगम की सभी प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्वीकृत परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 1214.54 करोड़ रुपए में से 907.74 करोड़ रुपए की जल प्रदाय परियोजना और 305.80 करोड़ की ड्रेनेज परियोजनाएं शामिल हैं।
अर्बन चैलेंज फंड के प्रावधानों के अनुसार कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत यानी लगभग 302.70 करोड़ रुपए केंद्रीय सहायता के रूप में प्राप्त होगा। बाकी फंड राज्य शासन और निगम को जुटाना होगा।
निगम जल यंत्रालय एवं ड्रेनेज विभाग के प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू के अनुसार, शहर की गहन और पुरानी बस्तियों में ड्रेनेज की पाइप लाइन बदलने के साथ अन्य काम करने के लिए भारत सरकार ने 302.70 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर दी है। ये राशि काम की प्रोग्रेस के हिसाब से टुकड़ेटु कड़े में निगम को मिलेगी। इस राशि से शहर की 40 से ज्यादा बस्तियों में जर्जर और क्षतिग्रस्त हुई ड्रेनेज की पाइप लाइन को बदला जाएगा। फिलहाल, इसकी डीपीआर बनाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि, जैसे ही डीपीआर बनेगी वैसे ही राज्य शासन को भेजकर मंजूरी ली जाएगी और फिर टेंडर जारी किए जाएंगे। सालों पुरानी जर्जर और क्षतिग्रस्त ड्रेनेज लाइन के बदले से शहरवासियों को जहां राहत मिलेगी, वहीं गंदा पानी आने की समस्या भी दूर होगी।
Updated on:
06 Aug 2026 01:46 pm
Published on:
06 Aug 2026 01:46 pm
