
Dhar Bhojshala (साध्वी ऋतम्भरा पहुंचेगी भोजशाला Photo Source- Patrika)
Dhar News :मध्य प्रदेश के धार में चल रहे भोजशाला विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को प्रस्तावित सुनवाई न हो पाने के कारण आज गुरुवार 6 अगस्त को ये प्रक्रण न्यायालय में फिर सूचीबद्ध किया गया है। लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से गुजर रहे इस मामले पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं, आज साध्वी ऋतम्भरा के भोजशाला आगमन के कार्यक्रम ने धार का माहौल और अधिक संवेदनशील बना दिया है। बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।
भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा करने में जुटा हुआ है और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि, सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना पुलिस की प्राथमिकता है।
बीती शाम इंदौर पहुंची आध्यात्मिक नेता और साध्वी ऋतम्भरा ने कथित राम मंदिर चंदा चोरी के मामले पर मीडिया के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'वो एक दु्र्भाग्यपूर्ण घटना है। इसने हम सभी को शर्मसार किया है। समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो समाज और कुल को लज्जित करते हैं… दोषियों को जल्दी दंड मिले…।'
मामला बुधवार को न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन किसी कारणवश इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब ये प्रकरण आज फिर से सूचीबद्ध किया गया है। इस मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है, जबकि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस को प्रतिवादी बनाया गया है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने बताया कि, संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन, अधिवक्ता विनय जोशी सहित विधिक टीम पक्ष रख रही है। उन्होंने कहा कि, संगठन को न्यायालय से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
आज साध्वी ऋतम्भरा के भोजशाला पहुंचने के कार्यक्रम को लेकर धार्मिक संगठनों में उत्साह का माहौल है। आयोजन में हजारों महिलाओं समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यातायात, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
गुरुवार के धार्मिक आयोजन के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों द्वारा दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से लगातार संवाद किया जा रहा है। उद्देश्य यही है कि, धार्मिक गतिविधियां सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
बुधवार को महाराजा उत्सव समिति ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि, जुमे की नमाज संरक्षित क्षेत्र और हिंदू बाहुल्य रिहायशी इलाकों से बाहर चालीस पीर क्षेत्र में कराई जाए। समिति ने अपने ज्ञापन में कहा कि, 300 मीटर के संरक्षित दायरे और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। समिति ने प्रशासन से लोकभावना को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थान तय करने का आग्रह किया है।
इधर, केंद्र सरकार द्वारा लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद भोजशाला के सामने हिंदू संगठनों ने खुशी का इजहार किया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की, मिठाइयां बांटी और इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना था कि, मां वाग्देवी की प्रतिमा की स्वदेश वापसी केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक सम्मान से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। संगठनों ने केंद्र सरकार से इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
Updated on:
06 Aug 2026 11:46 am
Published on:
06 Aug 2026 11:46 am
