उद्योग विभाग का बड़ा फैसला
विकास मिश्रा@ इंदौर. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमइ) के हित में प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग ने बड़ा फैसला किया है। २०१७ में लागू सरकारी योजना का लाभ सिर्फ शासकीय औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित उद्योगों को ही मिलता था। अब सरकार ने सभी जिलों के मास्टर प्लान में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवंटित भूमि पर चल रहे उद्योगों को भी प्रोत्साहन योजना का लाभ देने का फैसला किया है। नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
अब पालदा व बरदरी क्षेत्र में संचालित उद्योगों को भी सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा। सांवेर रोड, पोलोग्राउंड, लक्ष्मीबाईनगर सरकार के अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्र हैं, वहीं पालदा और बरदरी अधिसूचित नहीं होने से सैकड़ों छोटे-बड़े उद्योगों को सरकारी नीतियों व योजनाओं का फायदा नहीं मिल रहा था।
विकास को मिलेगी रफ्तार
जिला, व्यापार और उद्योग केंद्र के जीएम संतोष त्रिवेदी ने बताया, सरकार ने ९ जुलाई को एमएसएमइ प्रोत्साहन योजना २०१७ में संशोधन का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके बाद मास्टर प्लान में उद्योगों के लिए आरक्षित जमीन पर संचालित उद्योग नकद पूंजी अनुदान योजना, गुणवत्ता प्रमाणीकरण योजना और अधोसंरचना विकास से जुड़ी योजनाओं का फायदा ले सकेंगे। अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा।
500 उद्योग होंगे लाभान्वित
पालदा औद्योगिक संगठन के सचिव हरीश नागर ने बताया, सरकार के फैसले से पालदा के करीब 350 उद्योगों को फायदा होगा। यहां करीब 500 करोड़ रुपए का वार्षिक उत्पादन होता है। सरकार को बड़ी मात्रा में रेवेन्यू मिलता है। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के सचिव योगेश मेहता ने कहा, बरदरी में करीब 150 उद्योग संचालित हो रहे हैं। योजना का लाभ मिलने से यहां और भी उद्योग शुरू हो सकते हैं। भौंरासला और कुमेड़ी की जमीनें भी मास्टर प्लान में उद्योगों के लिए आरक्षित हैं, वहां भी उद्योग आएंगे। १६ जुलाई तक अलॉटमेंट लैटर डाउनलोड किए जा सकते हैं, जबकि वेरिफिकेशन के लिए २५ जुलाई तक का समय दिया जा रहा है। स्कूलों में रिपोर्टिंग ३० जुलाई तक की जा सकेगी।