शहर के कोठारी मार्केट में स्थित महाराजा कचौरी कॉर्नर पर पिछली तीन पीढ़ियों से कचोरी खिलाई जा रही हैं...
इंदौर/कोठारी मार्केट। कचौरी तो हम सभी ने बहुत खाई होगी। कई अलग-अलग जगहों पर आलू या दाल की कचोरी खाई होगी। जैसे उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में आलू की कचोरी वहीं गुजरात में कचौड़ी के साथ मीठी कढ़ी, तो कहीं मीठी चटनी और पुदीने की हरी चटनी के साथ खाई जाती है। लेकिन हमारे शहर इंदौर में एक ऐसी जगह है जहां एक ही जगह पर सात अलग-अलग तरह की कचौड़ी पिछले 72 सालों से खिलाई जा रही है। शहर के कोठारी मार्केट में स्थित महाराजा कचौरी कॉर्नर पर पिछली तीन पीढ़ियों से कचोरी खिलाई जा रही हैं।
72 सालों से खिला रहे कचोरी
यहां पर सात अलग-अलग फ्लेवर की आलू, भुट्टे, मूंग, हींग, लहसुन, प्याज के साथ मटर की कचोरी भी खिलाई जाती है। महाराजा कचोरी कॉर्नर के संचालक ने बताया कि वह पिछले 72 सालों से शहर के लोगों को कचोरी खिलाते आ रहे हैं और तीन पीढ़ियों से वे यह काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे ग्राहकों की डिमांड आती रही वह नए नए एक्सपेरिमेंट करते गए और आज उनकी कुल सात तरह की कचोरी देशभर में फेमस हैं। सबसे फेमस भुट्टे और हींग की कचोरी है।
दुकान पर कई सेलिब्रिटी आ चुके, लगी रहती है लाइन
इंदौर की सफाई और इंदौर का स्वाद आज दुनिया भर के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। लोग इंदौर के स्वाद के इतने शौकीन हैं की इंदौर को मध्य भारत की आर्थिक राजधानी के साथ-साथ फूड कैपिटल ऑफ इंडिया और स्वाद की राजधानी भी कहा जाता है। कचोरी का स्वाद देश भर में फेमस है। कई दफा लोग दूर-दराज से सिर्फ इनकी कचोरी खाने आते हैं। अब तक महाराजा कचोरी कॉर्नर पर देश के नामी-गिरामी सेलिब्रिटी और नेता भी आ चुके हैं। दुकान पर अक्सर भीड़ लगी रहती है और कई बार लाइन लगाकर लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इन कचोरी को सौंफ-इमली और गुड की चटनी के साथ हरी चटनी के साथ शानदार अंदाज में परोसा जाता है।