23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भाजपा: मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर बड़ा अपडेट, अंतिम दौर में लगा झटका

MP BJP Appointments: मध्यप्रदेश में भाजपा में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर बड़ा अपडेट सामने आया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इंदौर

•

image

Avantika Pandey

•

Updated: 21 May 2026, 3:40 PM IST

Big update on MP BJP Appointments

Big update on MP BJP Appointments मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर बड़ा अपडेट (source: patrika)

MP BJP Appointments: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने वाले आह्वान के साथ अपने काफिले को भी आधा कर दिया, लेकिन मध्यप्रदेश में भाजपा नेता रैलियां निकाल रहे थे। 17 से अधिक नेताओं को संगठन ने नोटिस थमाया तो जड़ पर वार करते हुए निगम-मंडलों की नियुक्तियों को भी विराम दे दिया। घोषणाओं पर अचानक लगे ब्रेक से इंदौर के भाजपा ठगा सा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि अंतिम दौर में यहां तक नंबर आने वाला था जो अब अटक गया।

नहीं मानी पीएम मोदी की अपील

अमेरिका-ईरान युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ा तो सभी जगहों पर पेट्रोलियम पदार्थों की कमी हो गई। इसको देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक सभा में देशवासियों से बचाने की अपील की। खुद का काफिला कम किया जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी गाडिय़ों की संख्या बहुत कम कर दी। इतना बड़ा संदेश मिलने के बावजूद भाजपा के उत्साहीलाल नेता बाज नहीं आए। निगम मंडल और संगठन में पद मिलने के बाद सैकड़ों गाडिय़ों के साथ रैली निकालकर पदभार ग्रहण करने पहुंचे।

नियुक्तियां होने की संभावना कम

ऐसे सभी नेताओं को नोटिस जारी कर दिया गया, पर भाजपा संगठन को समझ में आ गया कि नियुक्तियां होने पर जोश में रैली निकालेंगे। इसके चलते घोषणाओं को कुछ दिनों के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, जब तक परिस्थिति नियंत्रण में नहीं आ जाती है तब तक नियुक्तियां होने की संभावनाओं को कम बताया जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. यादव व क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल चाहते हैं कि नियुक्तियां तो की जाए और जिम्मेदारों को रैली नहीं निकलने की सख्त हिदायत दी जाए।

अरमानों पर फिरा पानी

इंदौर के कई नेता निगम मंडल और आइडीए में नियुक्ति होने का इंतजार कर रहे थे। इस बीच में प्रदेश की सत्ता और संगठन के रुख को देखते हुए वे निराश हो गए हैं। एक तरह से उनके अरमानों पर पानी फिर गया। उसकी एक वजह ये भी है कि इंदौर को अब तक नियुक्ति में कुछ नहीं मिला है। माना जा रहा था कि घोषणाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है। हालांकि आइडीए की लड़ाई भोपाल होते हुए दिल्ली तक पहुंच गई है।